3.60 करोड़ के पुल की सड़क डेढ़ साल में धंसी, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

मातकोम घाट पर 3.60 करोड़ की लागत से बना मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना का पुल उद्घाटन के महज डेढ़ साल में ही खराब हो गया है. पुल की दोनों ओर बनी सड़कें करीब एक फुट धंस गई हैं, जिससे ग्रामीण आवागमन में भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं. निर्माण की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल.

प्रतिनिधि, पाकुड़िया : प्रखंड अंतर्गत महुलपहाड़ी पंचायत के बालीडीह से खजुरडंगाल के बीच नाला पर मातकोम घाट में मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत करीब 3 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से निर्मित पुल की स्थिति उद्घाटन के महज डेढ़ वर्ष में ही खराब होने लगी है. ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, पाकुड़ की ओर से निर्मित पुल के दोनों ओर बनी सड़क करीब एक फुट तक धंस गई है. इससे ग्रामीणों को साइकिल और मोटरसाइकिल से आवागमन करने में परेशानी हो रही है.

सड़क धंसने से आवागमन में परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार, बालीडीह की ओर करीब 100 मीटर सड़क पर अब तक पिचिंग का कार्य पूरा नहीं किया गया है. वहीं, पुल के दोनों ओर बनी पक्की सड़क में भी जगह-जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं.

सड़क धंसने के कारण आवागमन बाधित होने पर ग्रामीणों ने अपने स्तर से मिट्टी डालकर रास्ता तैयार किया है, ताकि किसी तरह आवागमन जारी रखा जा सके. कई स्थानों पर सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गयी है कि दोपहिया वाहनों को पुल के एक छोर से दूसरे छोर तक ले जाने में भी परेशानी हो रही है.

15 मई 2025 को हुआ था उद्घाटन

बताया जाता है कि पुल का उद्घाटन 15 मई 2025 को किया गया था. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में जल्दबाजी बरती गयी. उद्घाटन के बाद संबंधित ठेकेदार के मौके पर नहीं रहने से पुल और सड़क की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया. अब सड़क धंसने और पिचिंग का काम अधूरा रहने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग

ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए संबंधित विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर पुल और सड़क का निर्माण कराया गया, लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क का धंसना और उसमें दरारें पड़ना चिंता का विषय है.

मरम्मत और कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने धंसी सड़क की मरम्मत, अधूरे पिचिंग कार्य को पूरा कराने और निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करायी गयी, तो आवागमन पूरी तरह बाधित हो सकता है.


मातकोम घाट में पुल के दोनों ओर धंसी सड़क और ग्रामीणों द्वारा डाला गया मिट्टी का रास्ता | Prabhat Khabar Network

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लेखक के बारे में

By रमेश भगत

रमेश भगत प्रभात खबर, पाकुड़ में ब्यूरो चीफ हैं. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है. 15 वर्षों के पत्रकारिता करियर की शुरुआत दिल्ली में CNEB News Channel से की. इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के ईएमएमसी (EMMC) और डीडी न्यूज में कार्य किया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में उन्हें व्यापक अनुभव है. राजनीति, प्रशासन, अपराध, विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और जनसरोकार सहित हर विधा की खबरों की रिपोर्टिंग और विश्लेषण में उनकी विशेष रुचि है.

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