बड़ामरगो गांव में जलमीनार का मोटर जला, लोग दूषित पानी पीने को मजबूर

लिट्टीपाड़ा. प्रखंड क्षेत्र के बाडू पंचायत अंतर्गत बड़ामरगो के ग्रामीण आज भी शुद्ध पेयजल से वंचित हैं.

सरकार की ओर से पेयजल की नहीं गयी है कोई ठोस व्यवस्था प्रतिनिधि, लिट्टीपाड़ा. प्रखंड क्षेत्र के बाडू पंचायत अंतर्गत बड़ामरगो के ग्रामीण आज भी शुद्ध पेयजल से वंचित हैं. गांव में अब तक सरकार की ओर से पेयजल की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गयी है. मजबूरी में ग्रामीण पहाड़ी झरनों का दूषित पानी पीने को विवश हैं. ग्रामीण सूरज कुमार मालतो, मंगल मालतो, सिबा मालतो, धर्मा पहाड़िया, राजकुमार पहाड़िया, बाबू पहाड़िया सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि बड़ामरगो गांव पहाड़िया बाहुल क्षेत्र है. गांव में लगभग 85 परिवार रहते हैं, जिनकी आबादी करीब 500 से अधिक है. इसके बावजूद गांव में एक भी चापानल उपलब्ध नहीं है. ग्रामीणों ने बताया कि लगभग चार वर्ष पूर्व गांव में सोलर युक्त पानी टंकी एवं डीप बोरिंग का निर्माण कराया गया था, लेकिन कुछ ही महीनों में मोटर खराब हो गई. इसके बाद आज तक न तो उसकी मरम्मत कराई गई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई. बरसात और ठंड के मौसम में ग्रामीण लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित पहाड़ी झरने से पानी लाते हैं, जो गर्मी शुरू होते ही सूख जाता है. ऐसे में गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को दो किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता है. लोगों को मजबूरन दूषित पानी पीना पड़ता है. ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में अविलंब शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने, खराब पड़े सोलर जलापूर्ति सिस्टम को दुरुस्त कराने व रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है.

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By SANU KUMAR DUTTA

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