स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण

झारखंड शिक्षा परियोजना समग्र शिक्षा, पाकुड़ ने प्रोजेक्ट पहल 2.0 के तहत जिलास्तरीय मुखिया सम्मेलन का आयोजन किया। डीसी मनीष कुमार ने मुखियाओं को शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाने और बच्चों की नियमित उपस्थिति, ड्रॉपआउट रोकथाम, व अभिभावक जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने “आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार ” कार्यक्रम की सफलता के लिए भी समर्थन मांगा। डीइओ अनिता पूर्ती व डीएसइ नयन कुमार ने शिक्षा गुणवत्ता सुधार और विद्यालय निरीक्षण पर चर्चा की। सम्मेलन में बच्चियों ने विभिन्न विषयों पर प्रोजेक्ट मॉडल बनाए, जिनका डीसी ने निरीक्षण किया और उनकी रचनात्मकता की प्रशंसा की। बेहतरीन प्रोजेक्टेस को पुरस्कार एवं मेडल दिए जाएंगे।

प्रोजेक्ट पहल 2.0 के तहत जिलास्तरीय मुखिया सम्मेलन का आयोजन, डीसी ने कहा

नगर प्रतिनिधि, पाकुड़. झारखंड शिक्षा परियोजना समग्र शिक्षा, पाकुड़ द्वारा प्रोजेक्ट पहल 2.0 के अंतर्गत जिलास्तरीय मुखिया सम्मेलन का आयोजन बाजार समिति में किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ डीसी मनीष कुमार, डीइओ अनिता पूर्ती, डीएसइ नयन कुमार व जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार ने संयुक्त रूप से किया. डीसी ने कहा कि, पंचायत प्रतिनिधि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है. मुखिया अपने क्षेत्र के विद्यालयों के संरक्षक की भूमिका में होते हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी से नामांकन, उपस्थिति और विद्यालय के आधारभूत ढांचे में उल्लेखनीय सुधार संभव है. प्रत्येक पंचायत में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने की आवश्यकता है. उपायुक्त ने मुखियाओं से अपील किया कि वे बच्चों की नियमित उपस्थिति, ड्रॉपआउट रोकथाम, अभिभावक जागरूकता, शिक्षण-अधिगम वातावरण सुधार में सक्रिय, जिम्मेदार और निरंतर भूमिका निभायें. साथ ही उन्होंने 21 नवंबर से 15 दिसंबर तक चलने वाली आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम सफल बनाने में जुट जाने को कहा. डीइओ ने कहा कि मुखियाओं की प्रेरक भूमिका और निकट सहयोग से विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है. डीएसइ ने विद्यालयों की वर्तमान स्थिति, निरीक्षण व्यवस्था, गुणवत्ता सुधार उपाय और प्रमुख शैक्षणिक लक्ष्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला.

बच्चों ने प्रोजेक्ट मॉडल का किया प्रदर्शन

सम्मेलन में विद्यालयों की बच्चियों द्वारा विभिन्न विषयों पर प्रोजेक्ट मॉडल भी बनायें एवं प्रदर्शित किये गये, जिनका उपायुक्त एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा निरीक्षण किया गया. बच्चियों की रचनात्मकता और नवाचार को देखकर सभी ने सराहना व्यक्त की. जिला स्तरीय मूल्यांकन के बाद उत्कृष्ट प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने वाली बच्चियों को पुरस्कार एवं मेडल भी प्रदान किए जाएंगे.

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Published by: Sanu kumar dutta

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