पाकुड़ : राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को जिले में विभिन्न खेल गतिविधियां आयोजित की गयीं. इस दौरान खिलाड़ियों के बीच खेल सामग्री का वितरण किया गया. वहीं कबड्डी और वॉलीबॉल खिलाड़ियों ने खेल कौशल का प्रदर्शन किया. संत जोसफ विद्यालय में बास्केटबॉल खिलाड़ियों ने ‘एक घंटा खेल के मैदान में’ अभियान के तहत अभ्यास किया.
सीएसआर के तहत खिलाड़ियों को मिली खेल सामग्री
सीएसआर के तहत बीजीआर माइनिंग इंफ्रा लिमिटेड की ओर से पाकुड़ खेल अकादमी के क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक खेल सामग्री उपलब्ध करायी गयी. मौके पर उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल, बीजीआर माइनिंग इंफ्रा लिमिटेड के सीएसआर मैनेजर संजय बेसरा और जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार मौजूद थे.
नियमित प्रशिक्षण से बेहतर होगा प्रदर्शन
उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार लाल ने कहा कि खेल सामग्री खिलाड़ियों के नियमित प्रशिक्षण और प्रदर्शन को बेहतर बनाने में उपयोगी होगी. उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, लगन और निरंतर मेहनत के साथ खेल कौशल निखारने का आह्वान किया. बीजीआर के सीएसआर मैनेजर संजय बेसरा ने कहा कि कंपनी सामाजिक दायित्व के तहत क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सहयोग जारी रखेगी.
उभरती प्रतिभाओं को संसाधन और अवसर देने का प्रयास
जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार ने कहा कि सीएसआर से मिली खेल सामग्री खिलाड़ियों के प्रशिक्षण में उपयोगी साबित होगी. जिला प्रशासन की ओर से उभरती खेल प्रतिभाओं को प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.
कबड्डी और वॉलीबॉल खिलाड़ियों ने दिखाया कौशल
इसके बाद डे बोर्डिंग प्रशिक्षण केंद्र के कबड्डी और वॉलीबॉल खिलाड़ियों ने विभिन्न तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया. खिलाड़ियों ने अभ्यास के दौरान अपनी प्रतिभा और टीम भावना का परिचय दिया.
बास्केटबॉल खिलाड़ियों ने ड्रिब्लिंग और शूटिंग का किया अभ्यास
वहीं संत जोसफ विद्यालय में आयोजित बास्केटबॉल गतिविधि में खिलाड़ियों ने ड्रिब्लिंग, पासिंग, शूटिंग और टीम समन्वय का अभ्यास किया. इस दौरान विद्यार्थियों को नियमित खेल गतिविधियों में भाग लेने और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया गया. कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रशिक्षक संजय भगत, रणवीर सिंह रानू, उजय रॉय, पिंकू मंडल, अक्षय बाउरी और प्रियेश चतुर्वेदी का योगदान रहा.
