संवाददाता, पाकुड़: उपायुक्त मेघा भारद्वाज के निर्देश पर सोमवार को पाकुड़ जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्रों की अचानक जांच की गयी. अनुमंडल पदाधिकारी साइमन मरांडी की अध्यक्षता में गठित जांच दल ने पीसीपीएनडीटी एक्ट और क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत विभिन्न अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण किया.
जांच टीम ने राहत नर्सिंग होम, लक्ष्मी नर्सिंग होम और चांदपुर नर्सिंग होम पहुंचकर वहां उपलब्ध सुविधाओं, दस्तावेजों और आवश्यक अभिलेखों की जांच की.
अल्ट्रासाउंड कक्ष से लेकर शौचालय तक की जांच
निरीक्षण के दौरान जांच दल ने संस्थानों में संचालित अल्ट्रासाउंड कक्ष, पृथक शौचालय, प्रतीक्षालय समेत अन्य जरूरी आधारभूत सुविधाओं का भौतिक सत्यापन किया.
इसके साथ ही पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत अनिवार्य दस्तावेज और रिकॉर्ड भी खंगाले गये. जांच टीम ने यह भी देखा कि संबंधित संस्थान निर्धारित मानकों और नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं.
जहां कमी मिली, वहां दिये निर्देश
जांच दल ने सभी संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं और अभिलेखों की स्थिति का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान जहां आवश्यक पाया गया, वहां संबंधित संस्थानों को नियमों और निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.
प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों में हड़कंप की स्थिति रही.
नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों में पीसीपीएनडीटी अधिनियम और क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना प्राथमिकता है.
प्रशासन की ओर से सभी संबंधित संस्थानों को नियमों और निर्धारित मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया है. प्रावधानों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
