पाकुड़ः अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव से 15 वर्षीय किशोरी के अपहरण मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन कर दिया है. रविवार को एसडीपीओ विजय कुमार ने अमड़ापाड़ा थाना में प्रेसवार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि मामले में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. वहीं पीड़िता को सकुशल बरामद कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
एसडीपीओ ने बताया कि बीते 27 जुलाई को डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी को तीन युवक मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपने साथ ले गए हैं. घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी. पीड़िता के पिता के फर्दबयान पर अमड़ापाड़ा थाना कांड संख्या 59/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, पाकुड़ के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया था.
तकनीकी अनुसंधान और लगातार छापेमारी से तीन आरोपी गिरफ्तार
प्रेसवार्ता में एसडीपीओ विजय कुमार ने बताया कि उनके नेतृत्व में गठित एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य सुरागों के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया. जांच के दौरान पुलिस ने गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के बड़ा हरिपुर निवासी हिरलाल टुडू (21 वर्ष), मालमला देवदांड़ निवासी सुरेश हेंब्रम (28 वर्ष) तथा डांगा (रोलडीह), देवदांड़ निवासी राजेश मरांडी (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
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भाई के अथक प्रयास से सकुशल मिली नाबालिग बहन
मामले में एक अहम तथ्य भी सामने आया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता के भाई ने अपनी नाबालिग बहन की तलाश में लगातार प्रयास जारी रखा. काफी खोजबीन के बाद उसने शनिवार को अपनी बहन को सकुशल बरामद कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया. इसके बाद पुलिस ने किशोरी को अपने संरक्षण में लेकर उससे पूछताछ शुरू की. फिलहाल पुलिस पीड़िता की मेडिकल जांच कराने तथा न्यायालय में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया में जुटी हुई है. मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
इन पुलिस पदाधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका
एसडीपीओ ने बताया कि मामले के उद्भेदन में पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी अनूप रोशन भेंगरा, एसआई चंदन कुमार सिंह, एसआई बुदिलाल मुर्मू, एसआई पप्पू कुमार, टेक्निकल सेल के सुकदेव साहा, संतोष मुर्मू, निर्मल कुमार राय, आरक्षी सुरज मुर्मू, रोहित साहा, श्यामसुंदर यादव, प्रेम मुर्मू तथा अमड़ापाड़ा थाना रिजर्व गार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही. एसआईटी ने तकनीकी अनुसंधान और लगातार छापेमारी के बल पर कम समय में मामले का सफल उद्भेदन किया.
पुलिस ने लोगों से की सहयोग की अपील
एसडीपीओ विजय कुमार ने कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों के मामलों में पुलिस पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर रही है. उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी किसी भी घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर पीड़ितों को सुरक्षित बरामद किया जा सके और दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाया जा सके.
