पाकुड़िया. उपायुक्त मनीष कुमार ने गुरुवार को पाकुड़िया प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण किया. इस क्रम में उपायुक्त ने प्रखंड कार्यालय में सभी विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ समीक्षा बैठक कर विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की. उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के विभिन्न गांवों में प्रारंभ होने वाली विकास योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए. उन्होंने भवन निर्माण, विद्यालयों में आधारभूत संरचना, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य अधोसंरचना कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया. बैठक के दौरान विधायक एवं सांसद मद से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित एजेंसियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर बल दिया. उन्होंने सभी सरकारी विद्यालयों में बाउंड्री वॉल एवं शौचालय निर्माण तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण व सुदृढ़ीकरण कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. साथ ही वित्तीय अनुशासन, कैशबुक संधारण, भुगतान अभिलेखों के अद्यतन रख-रखाव एवं नयी डिजिटल प्रणालियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया. उपायुक्त ने पंचायत दिवस को नियमित रूप से आयोजित कर पंचायत स्तर पर ही जनशिकायतों के त्वरित समाधान का निर्देश दिया. बैठक के उपरांत उपायुक्त ने उपस्थित पदाधिकारियों, कर्मियों एवं आमजनों को कुष्ठ, फाइलेरिया एवं कालाजार उन्मूलन की शपथ दिलायी. उन्होंने बताया कि 30 जनवरी से कुष्ठ रोग उन्मूलन अभियान तथा 10 फरवरी से 25 फरवरी तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जाएगा. गणपुरा पंचायत में लोगों से किया संवाद : उपायुक्त ने गणपुरा पंचायत भवन का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने मुखिया सुशीला मरांडी के नेतृत्व में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया. ग्रामीणों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर एवं पारंपरिक नृत्य के माध्यम से उनका स्वागत किया. उपायुक्त ने ग्रामीणों को आरसेटी के माध्यम से रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास एवं कृषि से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गत वर्ष मैट्रिक परीक्षा में पाकुड़ जिला राज्य में द्वितीय स्थान पर रहा था. निरीक्षण के दौरान विशेष कार्य पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह, बीडीओ सोमनाथ बनर्जी सहित अन्य मौजूद थे.
विकास योजनाओं को गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश
उपायुक्त ने प्रखंड कार्यालय में सभी विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की.
