पाकुड़. राज्य में जनवरी माह के दौरान मनाए जा रहे सड़क सुरक्षा माह के तहत गुरुवार को पचुवाड़ा नॉर्थ कोल माइंस के कोयला लोडिंग प्वाइंट के पास विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कोयला परिवहन से जुड़े ट्रक चालकों और सहायकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा उनके स्वास्थ्य की जांच करना था. आयोजन के दौरान सभी चालकों एवं सहायकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया. कार्यक्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी मिथिलेश चौधरी और अमड़ापाड़ा अंचलाधिकारी औसफ अहमद खान की उपस्थिति रही. जिला परिवहन पदाधिकारी ने अपने संबोधन में सुरक्षित वाहन संचालन के महत्व पर जोर देते हुए चालकों को सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, ओवरटेकिंग से बचने और ट्रकों को तिरपाल से ढककर चलाने की सलाह दी. उन्होंने यह भी कहा कि सड़क केवल भारी वाहनों के लिए नहीं, बल्कि अन्य वाहन चालकों के लिए भी है, इसलिए सभी को आपसी सम्मान और सावधानी के साथ वाहन चलाना चाहिए. कार्यक्रम के दौरान परियोजना प्रभावित ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को हेलमेट वितरित किए गए. कुल 200 हेलमेट, 200 टी-शर्ट, 200 कैप और 200 फर्स्ट एड किट का वितरण किया गया. साथ ही कंपनी द्वारा जिला परिवहन कार्यालय को तीन ब्रेथ एनालाइजर और फर्स्ट एड किट भी प्रदान किए गए. कंपनी की सीएसआर पहल के तहत अमड़ापाड़ा कौशल विकास केंद्र के विद्यार्थियों को एलएमवी ड्राइविंग लाइसेंस दिए गए तथा भविष्य में एचईएमएम सिम्युलेटर स्थापित कर भारी वाहन प्रशिक्षण देने की घोषणा की गयी. कार्यक्रम में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और संचालन संजय बेसरा ने किया.
चालकों की हुई स्वास्थ्य जांच, ओवरटेकिंग से बचने की अपील
पचुवाड़ा नॉर्थ कोल माइंस के कोयला लोडिंग प्वाइंट के पास विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
