बैठक में भाड़ा दर संशोधन पर बनी सहमति, दुर्घटना खर्च को लेकर उठे सवाल फोटो कैप्शन – बैठक करते ट्रांसपोर्टर प्रतिनिधि, अमड़ापाड़ा प्रखंड के प्रकृति विहार परिसर में सोमवार को अमड़ापाड़ा कोल ट्रांसपोर्ट समिति के नेतृत्व में ट्रांसपोर्टरों और वाहन मालिकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. बैठक में कोल कंपनियों के अंतर्गत संचालित कोयला परिवहन कार्य में लगे डंपरों के भाड़ा दर, सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े खर्च और अन्य समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गयी. बैठक में ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि लगातार बढ़ती महंगाई, डीजल की कीमत, वाहन रखरखाव, चालक-खलासी के वेतन और दुर्घटनाओं से संबंधित खर्चों के कारण परिवहन कार्य करना काफी कठिन होता जा रहा है. इसे लेकर सभी ट्रांसपोर्टरों ने एक स्वर में भाड़ा बढ़ाने की मांग रखी. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बीजीआर कंपनी के अंतर्गत वर्तमान में प्रति टन 311 रुपये मिल रहे भाड़ा को बढ़ाकर 361 रुपये किया जाए. वहीं डीबीएल कंपनी के अंतर्गत प्रति टन 300 रुपये दिए जा रहे भाड़ा को बढ़ाकर 350 रुपये करने पर सहमति बनी. बैठक के दौरान ट्रांसपोर्टर अमित भगत ने कहा कि रोड एक्सिडेंटल के नाम पर ट्रांसपोर्टरों से राशि की कटौती तो की जाती है, लेकिन सड़क दुर्घटना होने के बाद कोल कंपनियां उस राशि का भुगतान करने में आनाकानी करती हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कंपनियां दुर्घटनाओं से संबंधित खर्च वहन नहीं करती हैं तो रोड एक्सिडेंटल के नाम पर की जाने वाली कटौती भी बंद की जानी चाहिए. ट्रांसपोर्टरों ने यह भी कहा कि या तो कोल कंपनियां सड़क दुर्घटनाओं में होने वाले खर्च का पूरा वहन करें या फिर एक्सिडेंटल राशि की कटौती समाप्त की जाये. बैठक में मौजूद ट्रांसपोर्टरों ने अपनी मांगों को लेकर कंपनियों से वार्ता करने और समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक रूप से आगे बढ़ने पर जोर दिया. बैठक में संतोष रजक, मनोज भगत, संजय भगत, मो. जावेद सहित दर्जनों ट्रांसपोर्टर उपस्थित थे.
कोयला ट्रांसपोर्टरों ने भाड़ा बढ़ोतरी की उठायी मांग
बैठक में कोल कंपनियों के अंतर्गत संचालित कोयला परिवहन कार्य में लगे डंपरों के भाड़ा दर, सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े खर्च और अन्य समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गयी.
