पाकुड़ : सिविल सर्जन डॉ. प्रवीण कुमार संथालिया ने बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में यक्ष्मा (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की. बैठक में जिले में कार्यक्रम की अद्यतन रैंकिंग, टीबी मरीजों की टेस्टिंग, एक्स-रे जांच, लाभार्थियों को राशि का भुगतान और पोषण किट के वितरण सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी.
लक्ष्य के अनुरूप जांच नहीं होने पर जतायी नाराजगी
समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन ने पाया कि जिले में टीबी मरीजों की टेस्टिंग और एक्स-रे जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है. लक्ष्य के अनुरूप जांच नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन सरकार की प्राथमिकता है. ऐसे में कार्यक्रम के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
लापरवाही पर वेतन रोकने का निर्देश
सिविल सर्जन ने कार्य में लापरवाही बरतने और लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले कर्मियों का वेतन अगले आदेश तक रोकने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि कार्य में जल्द सुधार नहीं होने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
शत-प्रतिशत जांच और पोषण किट वितरण पर जोर
बैठक में शत-प्रतिशत टीबी मरीजों की जांच और एक्स-रे कराने, लाभार्थियों के खाते में समय पर राशि का भुगतान करने तथा चिन्हित सभी मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया. सिविल सर्जन ने अधिकारियों एवं कर्मियों को टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया.
