नौनिहाल किताब-कॉपी की जगह अवैध ईंट-भट्ठों में ढो रहे हैं ईंट, प्रशासन उदासीन

सदर प्रखंड के हिरानंदनपुर गांव के समीप बने ईंट-भट्ठों में धड़ल्ले से बाल मजदूरी करायी जा रही है लेकिन कोई देखने वाला नहीं है.

पाकुड़ (रमेश भगत). जिले में अवैध ईंट-भट्ठा लगाने का काम रुक नहीं रहा है. जिले में लगातार ईंट-भट्ठा लगाया जा रहा है. सदर प्रखंड के हिरानंदनपुर गांव के समीप बने ईंट-भट्ठों में धड़ल्ले से बाल मजदूरी करायी जा रही है लेकिन कोई देखने वाला नहीं है. ईंट-भट्ठों में अक्सर बाल मजदूरी की खबरें आती रहती है लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण बाल मजदूरी रुकने का नाम नहीं ले रही है. जिन बच्चों को स्कूलों में होना चाहिए, वे ईंटों को माथा पर उठाकर जीविका कमाने का काम कर रही हैं, जो कि चिंता की बात है. इस मामले को काफी संवेदनशीलता के साथ देखा जाना चाहिए ताकि नौनिहालों को अपना बचपन गंवाना नहीं पड़े और उन्हें भी सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए उनके बेहतर भविष्य के लिए काम किया जाना चाहिए. क्या कहते हैं बुद्धिजीवी : मामले को लेकर शहर के बुद्धिजीवी कृपासिंधु तिवारी बच्चन कहते हैं कि एक तो ईंट-भट्ठे अवैध तरीके से लगाये जा रहे हैं. उस पर से इन ईंट-भट्ठों में नौनिहालों से मजदूरी करायी जा रही है, जो कि गंभीर चिंता का विषय है. इन बच्चों को स्कूल में होना चाहिए. यदि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तो उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना चाहिए ताकि उनका भविष्य संवर सके. वरना तो उनका भविष्य अंधेरे में डूब जाएगा. सरकारी की कई कल्याणकारी योजनाएं ऐसे बच्चों के लिए चलायी जा रही है. क्या कहते हैं सीओ : अवैध तरीके से लगाये जा रहे ईंट-भट्ठों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जहां तक बाल मजदूरी की बात है, तो यह अस्वीकार्य है. खुद मामले की जांच कर कार्रवाई करेंगे. – अरविंद कुमार बेदिया, सीओ, पाकुड़ क्या कहते हैं श्रम अधीक्षक : ईंट-भट्ठों का लगातार निरीक्षण किया जाता है. यदि किसी ईंट-भट्ठे में बाल मजदूरी करायी जा रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी ताकि बच्चों को किसी भी तरह से मजदूरी में ढकेला नहीं जा सके. – गिरिश चंद्र प्रसाद, श्रम अधीक्षक. जिले भर में अवैध तरीके से लगाये जा रहे हैं ईंट-भट्ठे : जिले में ईंट-भट्ठे पूरी तरह अवैध तरीके से व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए लगाये जा रहे हैं. पाकुड़ सहित हिरणपुर, लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा का आलूबेड़ा, बासमती व महेशपुर के रोलाग्राम, धनजोड़ी सहित पाकुड़िया प्रखंड के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर ईंट-भट्ठे लगाये जा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर इनसे अन्य अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है. ईंट-भट्ठों में अवैध कोयला का इस्तेमाल होता है. अवैध तरीके से लाये गये बालू को ईंट-भट्ठों में इस्तेमाल किया जाता है. इन अवैध ईंट-भट्ठों से सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है. कोयले के अवैध कारोबार को मिल रहा बढ़ावा : अवैध ईंट-भट्ठों में बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से कोयले का भी इस्तेमाल हो रहा है, जिससे जिले में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है. मालूम हो कि शहर के अधिकांश चौक-चौराहों पर साइकिल-मोटरसाइकिल से अवैध तरीके से कोयले की ढुलाई होती रहती है. रोजाना साइकिल-मोटरसाइकिल से अवैध की कोयले की ढुलाई कर अवैध ईंट-भट्ठों में खपाया जा रहा है. वहीं इन कोयलों की बिक्री पश्चिम बंगाल तक की जा रही है जो कि अब एक संगठित अवैध कारोबार का भी रूप लेता जा रहा है. हालांकि इसके खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है लेकिन कोयले की अवैध ढुलाई पर पूरी तरह विराम नहीं लग पा रहा है, जो कि चिंता की बात है.

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By BINAY KUMAR

BINAY KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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