खेतीबाड़ी का प्रशिक्षण प्राप्त कर बसंती मुर्मू कर रही है उन्नत खेती

साल भर विभिन्न तरह की सब्जी की खेती करती हैं. खेत में जैविक खाद या कीटनाशक दवा का ही प्रयोग करती हैं.

पाकुड़िया. प्रखंड के बसंतपुर संकुल अंतर्गत बन्नोग्राम पंचायत के घोषपोखर गांव की निवासी बसंती मुर्मू एक गरीब परिवार से ताल्लुक़ रखती हैं. इनका पूरा परिवार खेतीबाड़ी एवं पशुपालन पर निर्भर है. पहले बसंती मुर्मू पैसे की कमी के कारण 5 से 6 कट्ठा में सब्जी लगाती थी और इस वजह से उनकी सही आमदनी नहीं हो पाती थी. इससे दीदी पूंजी के अभाव से ग्रस्त रहती थी और किसी तरह वह अपना परिवार चलाती थी. बसंती मुर्मू ने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा संचालित वर्ष 2017 को सागेन साकाम आजीविका सखी मंडल से जुड़ कर जैविक विधि द्वारा खेतीबाड़ी एवं पशुपालन पर प्रशिक्षण प्राप्त किया. फिर उन्होंने कुछ दिनों के बाद सखी मंडल से 20 हजार रुपए ऋण लेकर 100 डिसमिल जमीन पर पूरे वर्ष में विभिन्न तरह की सब्जी की खेती करने लगी. वह अपने खेत में जैविक खाद या कीटनाशक दवा का ही प्रयोग करती हैं. उससे उनका रासायनिक खाद में लगने वाले खर्च भी बच जाता है. बसंती कड़ी मेहनत से खीरा एवं अन्य सब्जी अपने खेत में उगाकर पाकुड़िया हटिया और गांव के आसपास के साप्ताहिक हटिया में प्रति किलो 25 से 30 रुपये की दर से बेचती हैं. इस वजह से वह 8 से 12 हजार रुपये मासिक आमदनी कमा रही है और अपना परिवार सही से चला रही है. वहीं आमदनी के पैसा से बसंती ने दो हैंड ट्रैक्टर भी खरीदी है, जिससे उनकी कमाई में और भी बढ़ोतरी होती है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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