जिले में 4925 चापानल खराब

बदहाली . पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं पाकुड़ के लोग जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर चापाकल खराब व पानी का जलस्तर नीचे चले जाने के कारण पानी की गंभीर समस्या से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. लोगों को कई किलोमीटर की दूरी तय कर पानी लाना पड़ता है. पाकुड़ […]

बदहाली . पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं पाकुड़ के लोग

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर चापाकल खराब व पानी का जलस्तर नीचे चले जाने के कारण पानी की गंभीर समस्या से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. लोगों को कई किलोमीटर की दूरी तय कर पानी लाना पड़ता है.
पाकुड़ : पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के आंकड़े के अनुसार पाकुड़ जिले में कुल 12461 चापकल है. जिसमें कुल 3049 चापाकल खराब अवस्था में पड़ा हुआ है. वहीं पाइप के कमी के कारण 1413 चापाकल खराब अवस्था में पड़ा हुआ है. वहीं 463 चापाकल साधरण अवस्था में खराब खराब पड़ा है. विभाग सूत्रों की मानें तो गरमी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या को दूर करने को लेकर काफी सक्रिय हैं. वहीं भी चापाकल खराब रहने की सूचना पीएचइडी विभाग को मिलने पर विभाग की ओर से उक्त चापाकलों की जल्द मरम्मत कर शुरू किया जाता है.
100 नये चापाकल
लगाने का लक्ष्य
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या को दूर करने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से 100 नये चापाकल लगाने का लक्ष्य रखा गया है. जिसमें वैसे गांवों को प्राथमिकता मिलेगी जिस गांव में नया टोला बना हो. जहां आंगनबाड़ी व स्कूलों के समीप उक्त चापाकलों को गाड़ा जायेगा. इसको लेकर विभाग की ओर से सूची भी तैयार की जा रही है.
किस प्रखंड में कितने
खराब चापाकल
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार पाकुड़ प्रखंड में 592, हिरणपुर प्रखंड में 387, लिट्टीपाड़ा प्रखंड में 466, अमड़ापाड़ा प्रखंड में 348, महेशपुर प्रखंड में 688, पाकुड़िया प्रखंड में 568 चापाकल खराब पड़े हैं. उपरोक्त प्रखंड में उक्त चापाकल खराब रहने के कारण वहां के लोगों को पेयजल के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. वहीं पानी को लेकर लोगों को चापाकलों के समीप घंटों लंबी कतार में खड़ा होकर पानी भरना पड़ता है.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता रासबिहारी सिंह ने कहा कि जिले में पेयजल समस्या दूर करने को लेकर जिले में 100 नये चापाकल लगाया जायेगा. उन्होंने कहा कि पानी की समस्या को दूर करने को लेकर विभाग गंभीर है किसी भी जगह पर चापकाल खराब होने की सूचना मिलने पर विभाग की ओर से त्वरित कार्रवाई कर उक्त चापाकल को ठीक करा दिया जाता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >