संतालपरगना के विकास से ही राज्य का विकास संभव : सीएम
पाकुड़ : सरकार व जनता के बीच के जेबकतरे को किसी कीमत पर बरदाश्त नहीं किया जायेगा. सरकार शासन व जनता के बीच सीधा संबंध बनाने का प्रयास कर रही है. यह बातें सूबे के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुरुवार को पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा स्थित मांझी विजय मरांडी स्टेडियम में आयोजित शिलान्यास व उदघाटन समारोह को संबोधित करते हुए कही. मुख्यमंत्री ने यहां कुल 240.44 करोड़ रुपये की लागत से योजनाओं का शिलान्यास तथा 40.77 करोड़ की लागत से तैयार हुए योजनाओं का उदघाटन किया.
उन्होंने कहा : लिट्टीपाड़ा के लोगों को अब शुद्ध पेयजल मिलेगा. सरकार ने केवल लिट्टीपाड़ा के लिए 217 करोड़ की लागत से राज्य के अब तक सबसे बड़े ग्रामीण जलापूर्ति योजना का शिलान्यास किया है. मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य का विकास तभी संभव है, जब संताल परगना का विकास हो. संताल परगना आज भी सबसे पिछड़ा है और सरकार ने ठाना है कि इस पिछड़ेपन को दूर किया जायेगा. उन्होंने कहा कि संताल परगना में कुछ भ्रष्ट पदाधिकारी, नेता व बिचौलिया मिल कर लूट-खसोट कर रहे हैं. सरकार व जनता के बीच जेबकतरा की भूमिका निभाते हुए आम जनता का जेब कतरने का काम कर रही है.
संताल परगना के विकास से…
ऐसे भ्रष्ट पदाधिकारियों, नेताओं व बिचौलियों का बिना चीड़-फाड़ ऑपरेशन सरकार दो माह के भीतर करने जा रही है.
दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हो रहा काम
उन्होंने कहा कि सबका साथ-सबका विकास के मंत्र के साथ सरकार काम कर रही है. गरीब व आदिवासी के नाम पर सरकार गंदी राजनीति नहीं करने वाली है. सरकार दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर काम कर रही है और राजधर्म का पालन भी कर रही है. उन्होंने कहा कि स्थानीय नीति को लागू कर यहां के लोगों को सरकार नौकरी देने का काम कर रही है, जल्द ही 18 हजार शिक्षकों की बहाली होगी, इसकी प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने कहा कि स्थानीय नीति लागू होने से राज्यभर के ऐसे 13 अनुसूचित क्षेत्र हैं,
जहां आगामी 10 वर्षों तक किसी भी प्रकार की बहाली में केवल और केवल उसी जिले के लोग शामिल होंगे और इसमें पाकुड़ जिला भी एक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र के नक्शे कदम पर एक माह के भीतर झारखंड सरकार पेयजलापूर्ति को लेकर एक हजार करोड़ रुपये की योजना की स्वीकृति देने जा रही है, जिसमें प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी. उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं सरकार विश्व बैंक से वार्ता कर चुकी है, बैंक ऋण देने को तैयार है. बैंक व सरकार संयुक्त रूप से राशि खर्च कर पाइप लाइन के माध्यम से जल्द ही हर घर को शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम करेगी.
उन्होंने यह भी कहा कि दो हजार करोड़ रुपये सरकार महिला सशक्तिकरण पर खर्च करने जा रही है. जबकि 18 हजार करोड़ रुपये एक वर्ष के भीतर आदिवासी समाज के विकास के लिए खर्च करेगी. उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2018 तक सरकार हर घर में बिजली पहुंचायेगी और इसको लेकर पहाड़ों व अन्य स्थल पर बसे 471 गांवों में केवल सोलर के माध्यम से ऊर्जा पहुंचाने का काम सरकार कर रही है. राज्य के समुचित विकास को लेकर सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यमी बोर्ड, मिल्क उत्पादन बोर्ड सहित कई अन्य बोर्ड बना कर काम कर रही है. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आने वाले 10 साल में झारखंड राज्य को दुनिया का सबसे सुखी-संपन्न व स्वच्छ राज्य बनाने का काम करेंगे.
शासन व जनता के बीच सीधा संबंध बना रही सरकार
भ्रष्ट पदाधिकारी, नेता व बिचौलिये को नहीं है छूट
दो माह के भीतर सरकार व जनता के बीच के जेबकतरे का बिना चीड़-फाड़ होगा ऑपरेशन
लिट्टीपाड़ा को मिला सबसे बड़ा उपहार: 217 करोड़ की ग्रामीण जलापूर्ति योजना का शिलान्यास
इन योजनाओं का शिलान्यास
217 करोड़ की लिट्टीपाड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना, 7.56 करोड़ की महेशपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना 3.23 करोड़ की लागत से लिट्टीपाड़ा प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन का नवनिर्माण
3.21 करोड़ की हिरणपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन का नवनिर्माण
3.18 करोड़ से अमड़ापाड़ा प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन का नव निर्माण
5.73 करोड़ से जोरडीहा व धमनी के बीच गुमानी नदी पर पुल
