प्रतिनिधि, पाकुड़ : जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जनवरी से जुलाई 2026 तक सात माह में 45 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं. इन हादसों में 42 लोगों की मौत हुई है, जबकि 52 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. परिवहन कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं महेशपुर और लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र में हुई हैं.
महेशपुर में सबसे अधिक 11 सड़क दुर्घटनाएं
आंकड़ों के अनुसार, महेशपुर थाना क्षेत्र में सात माह के दौरान सबसे अधिक 11 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गयीं. इसके बाद लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र में 10, नगर थाना क्षेत्र में छह, हिरणपुर और पाकुड़िया थाना क्षेत्र में पांच-पांच, अमड़ापाड़ा में चार, मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र में दो तथा मुफस्सिल थाना और सिमलोंग ओपी क्षेत्र में एक-एक सड़क दुर्घटना हुई है.
जागरूकता अभियान चला रहा परिवहन विभाग
सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि को लेकर परिवहन विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाया जा रहा है. जिला परिवहन पदाधिकारी मुजाहिद अंसारी ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. स्कूल, कॉलेज सहित अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है. इसके अलावा पंपलेट का वितरण कर भी लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाती है.
खराब सड़कें भी दुर्घटनाओं का कारण
डीटीओ ने बताया कि सड़कों की खराब स्थिति भी दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है. कई स्थानों पर सड़क पर छोटे-बड़े गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी होती है. ऐसे स्थानों की जानकारी संबंधित वरीय पदाधिकारियों को दी जा रही है, ताकि गड्ढों को भरने की दिशा में कार्रवाई की जा सके. जिले में कई स्थानों पर सड़क निर्माण और मरम्मत का कार्य भी चल रहा है.
वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील
डीटीओ मुजाहिद अंसारी ने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत में समय लग सकता है, लेकिन इस दौरान वाहन चालकों को खुद सावधानी बरतने की जरूरत है. सड़क दुर्घटनाओं में कमी तभी आएगी, जब लोग यातायात नियमों का पालन करने के साथ स्वयं भी जागरूक होंगे. उन्होंने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, यातायात नियमों का पालन करने और वाहन चलाते समय किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की अपील की.
दोपहिया चालकों से हेलमेट पहनने की अपील
उन्होंने विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करने की अपील की. कहा कि हेलमेट सड़क सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरणों में से एक है. दोपहिया वाहन चलाते समय चालक के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट पहनना चाहिए.
