मिशन इंद्रधनुष l 859 सेक्टर में होगा 5476 गर्भवती व 1818 बच्चों का टीकाकरण
पाकुड़ : जिले में सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम का तीसरा चरण शुक्रवार से शुरू होगा. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारी पूरी कर ली है. यह जानकारी सिविल सर्जन डॉ नलिनीकांत मेहरा ने गुरुवार को पुराना सदर अस्पताल स्थित नेत्र ईकाई भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी. कहा कि इस बार मिशन इंद्रधनुष […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पाकुड़ : जिले में सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम का तीसरा चरण शुक्रवार से शुरू होगा. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारी पूरी कर ली है. यह जानकारी सिविल सर्जन डॉ नलिनीकांत मेहरा ने गुरुवार को पुराना सदर अस्पताल स्थित नेत्र ईकाई भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी. कहा कि इस बार मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम के दौरान जिले में 5476 गर्भवती व 0-2 वर्ष के कुल 1818 बच्चों को टीकाकरण का लक्ष्य है. कार्यकम को सफल बनाने को लेकर जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों में कुल 859 सेक्टर बनाया गया है.
इसमें अमड़ापाड़ा में 63, हिरणपुर में 88, लिट्टीपाड़ा में 122, महेशपुर में 240, पाकुड़ में 234 एवं पाकुड़िया में 112 सेक्टर हैं. कहा कि उपरोक्त सभी सेक्टरों में संबंधित क्षेत्र की एएनएम, सेविका व सहियाओं को प्रतिनियुक्ति किया गया है. कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है. एक भी बच्चा व गर्भवती नहीं छूटे इसको लेकर संबंधित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये गये हैं. मौके पर मिशन इंद्र धुनष कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी प्रदीप बास्की, डॉ बीके सिंह, डीपीएम जया रेशमा खाखा, दीपक कुमार सहित अन्य मौजूद थे.
डीसी करेंगे कार्यक्रम का उदघाटन
सीएस डॉ नलिनीकांत मेहरा ने कहा कि शुक्रवार को सघन मिशन इंद्र धनुष कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त दिलीप कुमार झा करेंगे. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारी पूरी कर ली है.
आदिम जनजाति समुदाय को दी जायेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सीएस ने बताया कि जिले के आदिम जनजाति समुदाय को स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करायी जायेगी. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से आदिम जनजाति क्षेत्र के जाकर उपरोक्त समुदाय के लोगों का स्वास्थ्य जांच की जायेगी. जिसके बाद आदिम जनजाति समुदाय के बीमार लोगों को चिह्नित कर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जायेगी. कहा कि पीवीटीजी के किसी भी व्यक्ति गंभीर बीमारी ग्रसित होने पर पीड़ित व्यक्ति को मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना का संपूर्ण लाभ मिलेगा.