सरायकेला से शचींद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Jharkhand News: नई दिल्ली में श्री अयोध्या न्यास के तत्वावधान में अयोध्या पर्व के अंतर्गत आयोजित ‘शबरी के राम’ कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा मुख्य अतिथि रहे. इस प्रेरणादायक आयोजन में माता शबरी की अटूट भक्ति और उनके समर्पण को स्मरण किया गया.
अर्जुन मुंडा ने कहा
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि भगवान श्रीराम के प्रति उनकी सच्ची श्रद्धा हमें यह सिखाती है कि वास्तविक भक्ति किसी भी प्रकार के भेदभाव—चाहे वह जाति, वर्ग या सामाजिक स्थिति का हो किसी को स्वीकार नहीं करती. उन्होंने आगे बताया कि माता शबरी द्वारा मीठे फलों को पहले चखकर भगवान को अर्पित करना उनकी भक्ति की गहराई और शुद्ध प्रेम को दर्शाता है, जो जाति, वर्ग या सामाजिक स्थिति से परे है.
माता शबरी की भक्ति से सीखें समानता और मानवता
अर्जुन मुंडा ने कहा कि माता शबरी की कथा न केवल जनजातीय परंपराओं की आध्यात्मिक समृद्धि को उजागर करती है, बल्कि भारतीय सभ्यता में उनके महत्वपूर्ण स्थान को भी दर्शाती है. उनका जीवन समानता, भक्ति और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने के आदर्शों का प्रतीक है और यह संदेश देता है कि सच्ची भक्ति जाति, पद या पृष्ठभूमि की सीमाओं से परे होती है. उन्होंने यह भी कहा कि जनजातीय समुदाय केवल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षक नहीं हैं, बल्कि भारत की एकता और विविधता की व्यापक कथा का अभिन्न हिस्सा भी हैं. इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्वानों, गणमान्य व्यक्तियों और समाज के प्रतिनिधियों के साथ सार्थक संवाद का भी अवसर मिला. यह कार्यक्रम न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने वाला था, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को भी सुदृढ़ करने वाला साबित हुआ.
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