समस्याओं से घिरा हुआ है शहर का वार्ड नंबर 7

नगर परिषद चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, वार्ड नंबर 7 में चुनावी तपिश बढ़ती जा रही है

गंदगी और अंधेरे का है साम्राज्य , नशाखोरी है प्रमुख समस्या

सुगन साहू, लोहरदगा

नगर परिषद चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, वार्ड नंबर 7 में चुनावी तपिश बढ़ती जा रही है. मतदाता खामोश हैं, लेकिन उनके मन में एक ही सवाल है-इस बार ऐसा प्रतिनिधि चुना जाये जो ईमानदारी से काम करे, जनता की समस्याओं को समझे और बिना किसी भेदभाव के वार्ड का विकास करे.

इस वार्ड की सबसे बड़ी समस्या नशाखोरी है. अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री यहां खुलेआम होती है. नशे के कारण हत्या जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिससे लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है. इसके अलावा अतिक्रमण भी एक गंभीर समस्या है, जिसने आमजन का जीवन कठिन बना दिया है.

जनता की आवाज़

संतोष कुमार कहते हैं कि पार्षद ऐसा होना चाहिए जो सरकार की योजनाओं को ईमानदारी से लोगों तक पहुंचाये. बिजली के खंभे लगे हैं, लेकिन उनमें रोशनी नहीं है. रात में अंधेरे में गुजरना बेहद कठिन होता है.

अंकित कुमार का कहना है कि सफाई यहां की सबसे बड़ी समस्या है. नियमित सफाई नहीं होती. बच्चों के लिए पुस्तकालय की भी आवश्यकता है.

ननका अंसारी चाहते हैं कि रोशनी, सफाई, पानी और सड़क की मुकम्मल व्यवस्था हो. पानी की कमी से लोग परेशान हैं.

मौसीम अंसारी का कहना है कि पार्षद ईमानदार होना चाहिए और जनता के सुख-दुख में तत्पर रहना चाहिए.

राजन गुप्ता मानते हैं कि यदि पार्षद कर्मठ और ईमानदार होगा तो निश्चित रूप से समस्याओं का समाधान होगा.

सुनीता देवी ने वृद्धा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, विधवा पेंशन, छात्रवृत्ति और पुस्तकालय जैसी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की आवश्यकता बताई. उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के कारण योजनाएँ धरातल पर नहीं पहुँच पातीं.

निवर्तमान पार्षद का दावा

निवर्तमान पार्षद कमलेश कुमार का कहना है कि उन्होंने वार्ड के विकास के लिए कई कार्य किये हैं. पीसीसी सड़क और नालियों का निर्माण कराया गया है. प्रधानमंत्री आवास, वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन भी लोगों तक पहुंचायी गयी है. उनका कहना है कि कुछ काम बाकी हैं जिन्हें पूरा किया जायेगा.

चुनावी समीकरण

वार्ड नंबर 7 महिला आरक्षित है और यहां कुल 5 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं. मतदाताओं की संख्या 2497 है, जिनमें पुरुष 1211 और महिलाएँ 1286 हैं. इस वार्ड में रहमत नगर, मैना बागीचा और कोट रोड इलाके आते हैं.

यहां की मुख्य समस्याएं हैं

बिजली की कमी और अधूरी व्यवस्था

पानी की समस्या

सफाई और गंदगी का अंबार

सड़क और अतिक्रमण

सबसे गंभीर समस्या: नशाखोरी

मतदाताओं की अपेक्षाएं

नशाखोरी पर रोकथाम कर सुरक्षित वातावरण बनायें.

सरकारी योजनाओं को बिना भ्रष्टाचार के लागू करे.

सफाई, पानी, सड़क और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करे.

बच्चों और युवाओं के लिए पुस्तकालय और शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराये.

जनता के सुख-दुख में साथ खड़ा रहे और पारदर्शी तरीके से काम करें.

वार्ड नंबर 7 की तस्वीर साफ़ है-यहां की जनता अब केवल वादों से संतुष्ट नहीं होगी. वे ऐसे पार्षद की तलाश में हैं जो ईमानदारी से काम करे, भ्रष्टाचार से दूर रहे और योजनाओं को धरातल पर उतारे. सबसे बड़ी चुनौती नशाखोरी है, और जो उम्मीदवार इस समस्या से निपटने का ठोस संकल्प दिखायेगा, वही जनता का विश्वास जीत पायेगा.

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By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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