कैरो में चार साल से ठप है 11 करोड़ की जलापूर्ति योजना, बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण

कैरो में चार साल से ठप है 11 करोड़ की जलापूर्ति योजना, बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण

कैरो़ प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में हर घर नल से जल पहुंचाने का सरकारी दावा पूरी तरह फेल साबित हो रहा है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पिछले तीन वर्षों से सफेद हाथी बना हुआ है. चार साल पहले तक इस योजना से क्षेत्र के करीब 1300 परिवारों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाती थी. परंतु, चोरों द्वारा प्लांट की कीमती मशीनें चोरी कर लिये जाने के बाद से पूरी व्यवस्था ध्वस्त पड़ी है. नहरों में पक्कीकरण से जलस्रोत सूखे, गहराया संकट : पेयजल संकट की मार झेल रहे ग्रामीणों की मुश्किलें इन दिनों और बढ़ गयी हैं. प्रखंड की तीनों नहरों में पक्कीकरण (पीसीसी) का कार्य चलने के कारण पानी का बहाव बंद है, जिससे स्थानीय जलस्रोत तेजी से सूख रहे हैं. आने वाले गर्मी के मौसम को लेकर ग्रामीण अभी से ही दहशत में हैं. शुद्ध पेयजल के अभाव में सुबह होते ही महिलाएं और बच्चे बाल्टी लेकर पानी की तलाश में इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं. घर की रसोई से लेकर अन्य दैनिक कार्यों के लिए पानी का इंतजाम करना एक बड़ी चुनौती बन गयी है. नेताओं के दावे फेल, जनता की सुध लेने वाला कोई नहीं : कैरो प्रखंड में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के दिग्गज पदाधिकारी मौजूद हैं. चुनाव और सभाओं में हर घर शुद्ध जल का नारा बुलंद करने वाले नेता अब जनता की इस गंभीर समस्या पर मौन साधे हुए हैं. चार वर्षों से योजना ठप होने के बावजूद किसी भी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दल ने इसे दोबारा चालू कराने के लिए ठोस पहल नहीं की है. प्रशासनिक उदासीनता और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी का खामियाजा आम जनता, विशेषकर महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >