लोहरदगा़ आदिवासी परंपरा और संस्कृति को संरक्षित रखने के उद्देश्य से जिला राजी पड़हा व्यवस्था लोहरदगा द्वारा 18, 19 और 20 मई तक जामुन डिपा टाना टोली (झालजमुरा, सेन्हा) में तीन दिवसीय विशु सेंदरा कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शुरू हुए इस अनुष्ठान में समाज के गणमान्य लोगों सहित काफी संख्या में युवाओं ने भागीदारी की. कार्यक्रम में उपस्थित युवा नेता रोहित उरांव ने कहा कि विशु सेंदरा हमारी पहचान और अनूठी परंपरा का प्रतीक है, जिसे सहेज कर रखना नयी पीढ़ी की जिम्मेदारी है. उन्होंने राजी पड़हा व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवा अपनी जड़ों से जुड़ते हैं. धार्मिक अनुष्ठान : आयोजन समिति ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक पूजा-पाठ, सेंदरा (शिकार) से जुड़े नियमों की जानकारी और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया. इस मौके पर लक्ष्मी नारायण भगत बेल (राजा), विरेंद्र उरांव देवान, डोमना उरांव कोटवार, गोसाई भगत भंडारी, बुद्धेश्वर उरांव, बजरंग उरांव, सुखदेव उरांव, नारायण उरांव, मंजन उरांव, सुरेंद्र उरांव, जगदीप भगत (मीडिया प्रभारी) और राजू बखला, विधायक प्रतिनिधि निशीथ जायसवाल, संजय कुमार सहित विभिन्न गांवों के पहान, पुजार, महतो, प्रधान, प्रबुद्ध समाजसेवी समेत कई लोग मौजूद थे.
विशु सेंदरा हमारी पहचान और अनूठी परंपरा का प्रतीक : रोहित उरांव
विशु सेंदरा हमारी पहचान और अनूठी परंपरा का प्रतीक : रोहित उरांव
