किस्को़ किस्को प्रखंड में चाला आयो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की देखरेख में मिलींडा कंपनी द्वारा स्थापित सौर ऊर्जा संचालित मिनी सोलर पावर प्लांट का निरीक्षण करने अफ्रीका और नीदरलैंड की संयुक्त 14 सदस्यीय टीम पहुंची. टीम में अफ्रीका के मोजांबिक के प्रशासनिक अधिकारी, सीएनवी अंतरराष्ट्रीय संस्था के प्रतिनिधि तथा नीदरलैंड से मिस्टर जॉन शामिल थे. टीम का मुख्य उद्देश्य किस्को में संचालित इस सोलर प्लांट की तकनीकी संरचना, संचालन व्यवस्था, उत्पादन क्षमता, उपभोक्ताओं को मिल रहे लाभ तथा इसकी लागत व प्रभाव का अध्ययन करना था, ताकि अपने देशों में भी इसी मॉडल पर मिनी सोलर प्लांट स्थापित किया जा सके. टीम ने कहा कि किस्को का मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी बिजली आपूर्ति, प्रदूषण में कमी तथा ग्रीनहाउस गैसों को घटाने में प्रभावशाली है. इसे लागू करने से लाखों लोगों को लाभ मिल सकता है. उपभोक्ताओं को मिल रही है निर्बाध बिजली आपूर्ति : निरीक्षण के बाद टीम के सदस्यों ने स्थानीय उपभोक्ताओं से बातचीत कर उनके अनुभव सुने. मौके पर मिलींडा कंपनी के राजीव कुमार, सुदीप्त डे, विधान कुंडू, कस्टमाइज्ड एनर्जी सॉल्यूशन के नितिन अखाड़े, क्लीन के अधिकारी तथा चाला आयो फार्मर प्रोड्यूसर लिमिटेड कंपनी की डायरेक्टर रंथी कुमारी, अतहर अंसारी, प्लांट इंचार्ज अजहर अंसारी और अमाल अंसारी मौजूद थे. अधिकारियों ने बताया कि प्लांट के माध्यम से किस्को के 110 घरों और दुकानों को बिजली उपलब्ध करायी जा रही है. बैकअप व्यवस्था के रूप में बैटरी और जनरेटर लगाये गये हैं, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. 14 सदस्यीय विदेशी टीम ने प्लांट के संचालन की सराहना करते हुए कहा कि किस्को का यह मॉडल उनके देशों में ऊर्जा संकट दूर करने के लिए महत्वपूर्ण समाधान साबित हो सकता है.
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