किस्को. गर्मी आने से पहले ही परहेपाठ पंचायत के गोसाई टोली गांव में पेयजल संकट गहरा गया है. शुक्रवार को गांव की महिलाएं पंचायत भवन पहुंचीं और घेराव कर अपनी समस्या रखी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में समाधान नहीं हुआ तो उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया जायेगा. गांव के महली टोला में लगभग 70 घरों के 500 लोग रहते हैं. पंचायत द्वारा लगाये गये जलमीनार अधिकतर समय खराब रहते हैं. वहीं, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ा है. इसके कारण ग्रामीणों को भारी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. महिलाएं सुषमा देवी, मैनपति कुमारी और शिल्पी ने बताया कि गांव की आबादी के अनुसार जलमीनार की व्यवस्था नहीं की गयी है. नदी-तालाब सूख चुके हैं, और दूसरे टोले से पानी लाने पर अक्सर झगड़े की स्थिति बन जाती है. छुआछूत की मानसिकता के कारण भी ग्रामीणों को पानी नहीं लेने दिया जाता. पीने के लिए किसी तरह व्यवस्था हो जाती है, लेकिन कपड़े धोने और नहाने के लिए बड़ी परेशानी होती है.
ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, पंचायत भवन से वैकल्पिक व्यवस्था की जाये. साथ ही जल नल योजना और अन्य योजनाओं के तहत हर घर तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाये. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगे उग्र आंदोलन किया जायेगा.मुखिया जतरु उरांव ने कहा कि गाँव में दो जलमीनार हैं और जल्द ही एक और जलमीनार की व्यवस्था की जायेगी. खराब पड़े जलमीनार को 1–2 दिनों में दुरुस्त कराया जाएगा. पीएचडी जेई अमित ठाकुर ने भी आश्वासन दिया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को जल्द ही ठीक कराया जायेगा और वरीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया है.
