कांग्रेस में मची है भगदड़, तार तार हुई एकता

लोहरदगा ज़िले में कांग्रेस पार्टी की स्थिति नगर निकाय चुनाव को लेकर बेहद अस्थिर हो गयी है.

जिला अध्यक्ष करते हैं निलंबित, प्रदेश करता है निलंबन मुक्त गोपी कुंवर लोहरदगा. लोहरदगा ज़िले में कांग्रेस पार्टी की स्थिति नगर निकाय चुनाव को लेकर बेहद अस्थिर हो गयी है. जिला अध्यक्ष सुखैर भगत ने संतोष उरांव को अध्यक्ष पद के लिए समर्थन दिया और बड़े स्तर पर उनका नामांकन करवाया. लेकिन इस फैसले से पार्टी के भीतर असंतोष फैल गया. तीन नेताओं ने विरोध में चुनाव लड़ने का ऐलान किया. नाम वापसी के समय प्रभात भगत पीछे हट गये, लेकिन प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी के महासचिव विशाल डुंगडुंग और कांग्रेसी नेता सतीश रंजन उरांव मैदान में डटे रहे. सुखैर भगत को पार्टी संविधान का ज्ञान नहीं है जिला अध्यक्ष ने दोनों नेताओं को निलंबित कर दिया, जिसके बाद विशाल डुंगडुंग ने प्रेस कांफ्रेस कर जिला अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि सुखैर भगत को पार्टी संविधान का ज्ञान नहीं है और उन्हें हटाने का अधिकार नहीं है. साथ ही आरोप लगाया कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जिला अध्यक्ष ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम किया और चुनावों से गायब रहे. इस बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तत्काल प्रभाव से दोनों नेताओं का निलंबन वापस ले लिया. पत्रांक 73/2026 के तहत जारी आदेश की प्रति झारखंड प्रभारी, सह प्रभारी और जिला अध्यक्ष को भी भेजी गयी. निलंबन वापसी से जिला अध्यक्ष की छवि को गहरा नुकसान पहुंचा और विरोधी गुट में जश्न का माहौल बन गया. कांग्रेस पार्टी में पहले से मौजूद गुटबाज़ी अब खुलकर सामने आ गयी है. आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है और इसका सीधा असर नगर निकाय चुनाव पर पड़ने की संभावना है. कई कांग्रेसी नेता अब विशाल डुंगडुंग और सतीश रंजन उरांव के पक्ष में खुलकर समर्थन कर रहे हैं. ऐसे में पार्टी समर्थित उम्मीदवार को नुकसान पहुंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

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By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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