अमित कुमार राज, कुड़ू
कुड़ू शहरी क्षेत्र तथा प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में रामनवमी का गौरवशाली इतिहास रहा है. साल 1990 में पहली बार कुड़ू शहरी क्षेत्र से शोभायात्रा का विस्तार करते हुए बैंड व बेंजो बाजा की धुन पर झांकी के साथ शोभायात्रा निकली थी. शोभायात्रा का विस्तार करते हुए पहली बार शहरी क्षेत्र में भ्रमण के बाद शोभायात्रा प्रखंड के पूर्वी क्षेत्रों पंडरा से लेकर बरवाटोली अखाड़ा तक शोभायात्रा पहुंची थी. पंडरा तथा बरवा टोली अखाड़ा से मिलन के बाद शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने रूद चौक में जमकर अपनी कला का प्रदर्शन किये थे. साथ ही शोभायात्रा में शामिल भगवान राम, लक्ष्मण माता सीता तथा रामभक्त हनुमान का पांव धोकर स्वागत किया गया था.शोभायात्रा के बाद शहरी क्षेत्र के इंदिरा गांधी चौक में रामनवमी के मौके पर शस्त्र चालन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था. इसमें सभी सफल प्रतिभागियों को केंद्रीय महावीर मंडल ने सम्मानित किया था. इस प्रतियोगिता में पंडरा महावीर मंडल अखाड़ा ओवर आल चैंपियन बना था. बताया जाता है कि शहरी क्षेत्र में निकलने वाले शोभायात्रा का विस्तार तथा झांकी निकलाने को लेकर केंद्रीय महावीर मंडल के तत्वावधान में बैठक का रामनवमी से 15 दिन पहले किया गया था. बैठक में पंडरा, बरवाटोली, जिलिंग, माराडीह, रूद, फरसाटोली, पुरना माराडीह सहित अन्य अखाड़ा के आयोजन समिति के सदस्य शामिल हुए थे.बैठक में तय किया गया था इस साल शोभायात्रा का विस्तार करते हुए शोभायात्रा में सभी अखाड़ा भगवान राम, लक्ष्मण माता सीता , भरत, शत्रुघ्न से लेकर रामभक्त बजरंग बली, सुग्रीव की बानर सेना का झांकी निकालेंगे . सप्तमी, अष्टमी तथा रामनवमी के मौके पर तीनों दिन शोभायात्रा में झांकी रहेगी. इतना ही नहीं जनरेटर से लाइट लगाते हुए हैलोजन, टयूब लाइट लगाया जायेगा. पांच अखाड़ा केंद्रीय महाबीर मंडल कुड़ू,पंडरा महावीर मंडल, बजरंग दल बाजारटांड़, हनुमान संध रामनगर तथा टाटी महाबीर मंडल बेंजो के साथ बैंड बाजा लेकर शोभायात्रा में शामिल होंगे. तय कार्यक्रम के अनुसार साल 1990 में केंद्रीय महावीर मंडल कुड़ू से शोभायात्रा शुरू होकर शहरी क्षेत्र में विभिन्न महावीर मंडल अखाड़ा से मिलन के बाद ब्लॉक मोड के समीप पश्चिमी क्षेत्र के अखाड़ों से मिलन के बाद पूर्वी क्षेत्रों के अखाड़ों से मिलने के लिए रूद चौक पहुंचे. रूद चौक में पंडरा, बरवाटोली, जिलिंग, माराडीह, पुराना माराडीह सहित अन्य अखाड़ों से रात्रि दो बजे मिलन के बाद शोभायात्रा का समापन किया गया. नवमी को दिन के दो बजे शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया. शोभायात्रा शहरी क्षेत्र से निकलकर पूर्वी क्षेत्रों के अखाड़ों से ढुलुवाखुंटा के समीप मिलन के बाद वापस पश्चिम क्षेत्र के अखाड़ों से मिलने निकल पड़ा. राधिका मेडिकल हाल के समीप सभी अखाड़ों का मिलन हुआ. इसके बाद शोभायात्रा मेलाटांड बाजारटांड़ पहुंची. मेलाटांड में प्रतिभागियों ने अपने कला का प्रदर्शन किए इसके बाद शाम सात बजे से इंदिरा गांधी चौक में अस्त्र – शास्त्र चालन प्रतियोगिता के आयोजन किया गया. रात्रि 10 बजे तक प्रतियोगिता का संचालन किया गया. प्रतियोगिता में ओवरऑल चैंपियन पंडरा, झांकी में बाजारटांड़ अखाड़ा, फैंसी प्रतियोगिता में हनुमान संध रामनगर धोबी टोला तथा बाजा में बरवाटोली अखाड़ा विजेता थे . कुल मिलाकर 1990 मे शोभायात्रा का विस्तार किया गया था तथा 1990 से ही झांकी व बेंजो बाजा तथा बैंड बाजा के साथ शहरी क्षेत्र में शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया था.
साल 1990 से शोभायात्रा का विस्तार करने के बाद वर्तमान में कई स्थानों पर महावीर मंडल का गठन किया गया. साल 1990 में शहरी क्षेत्र में निकलने वालें शोभायात्रा में जहां 16 महावीर मंडल अखाड़ा शामिल होते थे. वर्तमान में यह संख्या 28 पहुंच गयी है. शहरी क्षेत्र में निकलने वाले शोभायात्रा में गोली, पुराना गोली, बड़का गोली, पाठक टोली, कुंदों, हनुमान संध, केंद्रीय महावीर मंडल, बजरंग दल बाजारटांड़, ब्लॉक मोड़ महावीर मंडल, लक्ष्मी नगर महावीर मंडल, कोलसिमरी महावीर मंडल, टाटी महावीर मंडल, हाताटोली महावीर मंडल से लेकर पुर्वी क्षेत्र के पंडरा, चेटर, माराडीह, पुराना माराडीह, माखाटोली, बरवा टोली, जिलिंग, गडेरी टोला, आनंदपुर अखाडा, रूद, फरसा टोली सहित अन्य महावीर मंडल अखाड़ा शोभायात्रा में शामिल होते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
