कुड़ू (लोहरदगा): कुड़ू प्रखंड के लावागाई स्थित बिरसा ग्लोबल स्कूल के तत्वावधान में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष बैजनाथ साहू, स्कूल के निदेशक संजय कुमार साहू, प्राचार्य पूर्णिमा देवी, हेमंती देवी सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन, मां सरस्वती, धरती आबा बिरसा मुंडा एवं अन्य महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया.
कार्यक्रम के दौरान कक्षा छह के परी ग्रुप के बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि कक्षा सात और आठ के विद्यार्थियों ने गुरु वंदना की. इसके बाद नन्हे-मुन्ने बच्चों ने एक से बढ़कर एक गीत और नृत्य प्रस्तुत कर अभिभावकों का मन मोह लिया. विद्यार्थियों ने झारखंड की कला और संस्कृति पर आधारित आकर्षक नृत्य भी प्रस्तुत किया.
शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी
मुख्य अतिथि बैजनाथ साहू ने कहा कि शिक्षा आज के जीवन का मूलभूत आधार है. लेकिन शिक्षा के साथ बच्चों में संस्कार, नैतिकता, अनुशासन, मेहनत, समय का सदुपयोग और सभी के साथ अच्छा व्यवहार भी जरूरी है. यही गुण बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करते हैं.
स्कूल के निदेशक संजय कुमार साहू ने डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन और उनके योगदान की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि डॉ राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुत्तनी में हुआ था. वह देश के दूसरे राष्ट्रपति होने के साथ महान शिक्षाविद, दार्शनिक और शिक्षक थे. उन्होंने अपना जीवन शिक्षा और विद्यार्थियों के लिए समर्पित किया.
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उन्होंने बताया कि वर्ष 1962 में राष्ट्रपति बनने के बाद डॉ राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई. तभी से देशभर के शैक्षणिक संस्थानों सहित विभिन्न स्थानों पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है. कार्यक्रम में स्कूल के ज्वाइंट सेक्रेटरी कलशमुनी, रूबी, साहिस्ता, उर्मिला, रश्मी, श्वेता, राजकुमार, अभिषेक, बसंत, महेश सहित शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक मौजूद थे.
