लोहरदगा़ वित्त मंत्री द्वारा पेश केंद्रीय बजट 2026 को लेकर रविवार को लोहरदगा जिले में हलचल तेज रही. जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बजट की बारीकियों पर चर्चा होती दिखी. स्थानीय प्रबुद्ध जनों, राजनीतिज्ञों और व्यवसायियों ने इस पर अपनी विस्तृत और मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है. जहां सत्ता पक्ष के लोगों ने इसे विकसित भारत का रोडमैप बताते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के लिए क्रांतिकारी बताया, वहीं विपक्ष ने इसे आम जनता की उम्मीदों के साथ छलावा और रोजगार के मोर्चे पर विफल करार दिया. बजट में दवाओं की कीमतों में कमी और रेल कॉरिडोर की घोषणा ने जहां लोगों को राहत दी है, वहीं महंगाई और मध्यम वर्ग की अन्य अपेक्षाओं को लेकर बहस जारी है. रोजगार के मोर्चे पर विफल है बजट : राज्यसभा के पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साह ने बजट की आलोचना करते हुए इसे पूरी तरह फीका करार दिया. उन्होंने कहा कि इस बजट में आम जनता और युवाओं के लिए कुछ भी खास नहीं है. विशेषकर रोजगार सृजन को लेकर सरकार ने कोई ठोस रोडमैप पेश नहीं किया है, जिससे शिक्षित बेरोजगारों को भारी निराशा हाथ लगी है. यह बजट केवल आंकड़ों का मायाजाल है, जो महंगाई से जूझ रही जनता को राहत देने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है. व्यापार और कनेक्टिविटी को मिलेगा बल : भाजपा नेता ओमप्रकाश सिंह ने बजट को दूरदर्शी बताया. उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों के लिए ऋण सुविधा और एक अप्रैल से नये आयकर नियम लागू होने से कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी. सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनने से आवागमन सुगम होगा. सोलर एनर्जी से जुड़े सामान सस्ते होने से पर्यावरण संरक्षण के साथ लोगों की जेब पर बोझ कम होगा. यह बजट आधुनिक भारत की जरूरतों को पूरा करने वाला और विकास को गति देने वाला है. युवा, गरीब और महिलाओं पर केंद्रित : भाजपा नेता संजय बर्मन ने कहा कि केंद्रीय बजट में विकास दर और रोजगार की पुख्ता व्यवस्था की गयी है. इस बार सरकार का मुख्य फोकस युवा, गरीब और महिलाओं के सशक्तिकरण पर रहा है. बजट में किये गये प्रावधान समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने वाले हैं. आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाये गये ये कदम देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे. यह एक संतुलित बजट है, जिससे आने वाले समय में जिले के विकास को नयी ऊंचाई मिलेगी. आत्मनिर्भरता और रेल कॉरिडोर की सौगात : केंद्रीय महावीर मंडल के संरक्षक अनुपम प्रकाश कुंवर ने कहा कि बजट में आत्मनिर्भरता पर विशेष बल दिया गया है. युवा शक्ति को केंद्र में रखकर बनायी गयी नीतियां स्वागत योग्य हैं. देश में सात नये रेल कॉरिडोर बनने से लोगों को यात्रा में काफी सुविधा होगी और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी. यह बजट देश के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. इससे कनेक्टिविटी के साथ-साथ रोजगार के नये अवसर भी पैदा होंगे. जनता के हाथ लगा सिर्फ झुनझुना : युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अभिनव सिद्धार्थ ने बजट को निराशाजनक बताया. उन्होंने कहा कि पूरे भारत को महंगाई से राहत की उम्मीद थी, लेकिन रसोई गैस और रोजमर्रा की चीजों पर कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई. यह बजट नहीं, बल्कि केंद्र सरकार का झुनझुना है. मध्यम वर्ग और आम आदमी इस बजट से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है. इसमें केवल बड़े कॉरपोरेट घरानों का ध्यान रखा गया है, जबकि गरीब जनता की पूरी तरह अनदेखी की गयी है. स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट पर जोर : चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी राजेश महतो ने कहा कि बजट में स्टार्टअप और स्किल डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी गयी है. इससे ग्रामीण युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी. युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए किये गये प्रावधान सराहनीय हैं. यह बजट औद्योगिक विकास और छोटे उद्यमियों को नयी ऊर्जा प्रदान करेगी. यदि इन योजनाओं का सही क्रियान्वयन होता है, तो जिले के युवाओं का आर्थिक भविष्य काफी उज्ज्वल और सुरक्षित होगा. कृषि और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा : अधिवक्ता सह तेली उत्थान समाज के संरक्षक प्रो शिवदयाल साहू ने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए बजट बढ़ाना सकारात्मक है, हालांकि, किसानों की आय दोगुनी करने के लिए अभी और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है. धार्मिक पर्यटन पर जोर देने से स्थानीय संस्कृति और व्यापार को लाभ मिलेगा. यह बजट देश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अच्छा प्रयास है. किसानों को तकनीक से जोड़ने की पहल से कृषि क्षेत्र में बड़ी क्रांति आ सकती है. शिक्षा और छात्रवृत्ति का शानदार रोडमैप : पारन अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा बजट में बढ़ोतरी स्वागत योग्य है. इससे सरकारी स्कूलों में संसाधन बेहतर होंगे और शिक्षा का स्तर सुधरेगा. छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण से जुड़ी घोषणाएं विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य के लिए फायदेमंद साबित होंगी. यह बजट वास्तव में विकसित भारत का एक स्पष्ट रोडमैप है. शैक्षणिक ढांचे को आधुनिक बनाने की सरकार की यह पहल मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा की राह को काफी आसान बनायेगी. सस्ती दवाओं से मिलेगी बड़ी राहत : दवा व्यवसायी अनील गुप्ता ने कहा कि कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती करना एक ऐतिहासिक कदम है. विदेशों में इलाज और पढ़ाई सस्ती होने से आम जनता को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी. छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण से जुड़ी घोषणाएं विद्यार्थियों के भविष्य के लिए बहुत लाभकारी हैं. सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर एक जन-कल्याणकारी बजट पेश किया है, जो समाज के हर तबके के लिए फायदेमंद है. इंफ्रास्ट्रक्चर और सड़क निर्माण को गति : मां दमयंती देवी स्कूल आफ नर्चर के डायरेक्टर राजेश अग्रवाल ने कहा कि विदेशों में पढ़ाई सस्ती होने और डेली यूज के सामानों के दाम घटने से लोगों को काफी सुविधा होगी. इंफ्रास्ट्रक्चर और सड़क निर्माण पर भारी निवेश से जिलों में विकास की रफ्तार तेज होगी. यदि रोजगार की योजनाओं को जमीन पर सही तरीके से लागू किया जाये, तो गरीब और मजदूर वर्ग के जीवन स्तर में बड़ा सुधार आयेगा. यह बजट विकासोन्मुखी है, जो देश के आर्थिक ढांचे को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करने का दम रखता है.
बजट को किसी ने बताया विकास की उड़ान तो किसी ने कहा फीका
बजट को किसी ने बताया विकास की उड़ान तो किसी ने कहा फीका
