मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म, रेड क्रॉस इसी सेवा भाव का प्रतीक : डॉ गणेश

मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म, रेड क्रॉस इसी सेवा भाव का प्रतीक : डॉ गणेश

लोहरदगा़ इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, लोहरदगा इकाई ने अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस दिवस पर संत उर्सूलाइन अस्पताल के नर्सिंग स्कूल में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया. चेयरमैन डॉ गणेश प्रसाद के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानव सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और आपदा प्रबंधन के प्रति समाज को जागरूक करना था. सिखाये गये जीवन रक्षा के गुर : कार्यक्रम के दौरान सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) पर विशेष प्रशिक्षण सत्र चलाया गया. इसमें विशेषज्ञों ने नर्सिंग छात्राओं को हृदय गति रुकने जैसी आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी. चेयरमैन डॉ गणेश प्रसाद ने कहा कि रेड क्रॉस बिना भेदभाव के पीड़ित मानवता की सेवा का संकल्प है. उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण का उपयोग समाज की रक्षा के लिए करें. संवेदनशीलता और सेवा का संदेश : वाइस चेयरमैन डॉ सिस्टर आइलिन कुजूर ने सेवा भाव को नर्सिंग पेशा का आधार बताया. उन्होंने कहा कि मरीजों की देखभाल में चिकित्सा के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता भी अनिवार्य है. वहीं, सचिव अरुण राम ने रेड क्रॉस के संस्थापक के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और रक्तदान जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाना संस्था की प्राथमिकता है. इनकी रही मौजूदगी : नर्सिंग छात्राओं के स्वागत गीत से शुरू हुए इस कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष राहुल कुमार, कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण कुमार, रंजीत कुमार साहू, सिस्टर मंगला, सिस्टर दिव्या, सिस्टर गोरेती समेत कई गणमान्य उपस्थित थे. वक्ताओं ने जोर दिया कि आपदा और स्वास्थ्य संकट के समय रेड क्रॉस की भूमिका वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण है. अंत में सभी ने मानवता की सेवा का सामूहिक संकल्प लिया.

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Published by: Shailesh ambashtha

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