लोहरदगा: उपायुक्त के निर्देश पर अकिल एड़पा कार्यक्रम के तहत मंगलवार को उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम ने राजकीयकृत प्लस टू चुन्नीलाल उच्च विद्यालय, लोहरदगा का निरीक्षण किया. कार्यक्रम का उद्देश्य माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत सफलता सुनिश्चित करना है.
समय पर सिलेबस पूरा कराने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को पठन-पाठन की गुणवत्ता में सुधार और बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. उन्होंने निर्धारित पाठ्यक्रम को समय पर पूरा कराने और लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
उन्होंने प्रत्येक माह आयोजित होने वाली रेल परीक्षा के परिणामों की नियमित समीक्षा करने को कहा. कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके परिणाम में सुधार के लिए रिमेडियल कोचिंग और अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. साथ ही पिछले वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा कर सामने आयी कमियों को दूर करने और आगामी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कराने को कहा.
शिक्षकों की उपस्थिति पर भी सख्ती
उप विकास आयुक्त ने शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया. निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले शिक्षकों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश प्रभारी प्रधानाध्यापक को दिया गया.
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी शिक्षक के आकस्मिक अवकाश की स्वीकृति केवल व्हाट्सऐप संदेश के माध्यम से नहीं दी जाए. इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए.
पीसीएम और पीसीबी के विद्यार्थियों का होगा नियमित टेस्ट
विज्ञान संकाय के शिक्षकों को पीसीएम और पीसीबी के विद्यार्थियों का प्रत्येक माह कम से कम दो बार टेस्ट लेने का निर्देश दिया गया. टेस्ट के परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि में आवश्यक सुधार करने को कहा गया.
इसके अलावा पिछले पांच वर्षों के परीक्षा परिणामों का विषयवार विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन विषयों में विद्यार्थी अधिक संख्या में अनुत्तीर्ण हो रहे हैं. ऐसे विषयों को चिह्नित कर विशेष रणनीति के तहत शैक्षणिक सुधार करने और शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया.
चार शिक्षक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित मिले
निरीक्षण के दौरान शिक्षक विन्दी वृज बाला सांगा (जीव विज्ञान), निलिमा तिर्की (संस्कृत), आनंद ठाकुर (भौतिक विज्ञान) और जन्मजय यादव (सामाजिक विज्ञान) अनधिकृत रूप से अनुपस्थित मिले. उप विकास आयुक्त ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को सभी से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया.
उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों को विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन, निरंतर मूल्यांकन और कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक सहयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से आगामी माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं में बेहतर परिणाम हासिल करने पर विशेष ध्यान दिया जाए.
निरीक्षण के दौरान सीआरपी श्याम कुमार सिंह भी मौजूद रहे.
