कुड़ू़ आजादी के 79 साल और झारखंड गठन के 26 वर्ष बाद, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार सड़क मार्ग से दामोदर नद के उद्गम स्थल चूल्हापानी पहुंचने वाले पहले गवर्नर बन गये हैं. रांची से करीब 80 किलोमीटर का सफर तय कर वे छह किलोमीटर की जंगली पगडंडी, आठ किलोमीटर की जर्जर सड़क, तीन पहाड़ी नदियां व चार पहाड़ों को पार करते हुए निर्धारित समय से एक घंटे विलंब से दोपहर एक बजे चूल्हापानी पहुंचे. वहां पहान व पुजार ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया. पुरोहित भूपाल पाठक ने विधि-विधान से गंगा पूजन व आरती करायी, जबकि शरतचंद्र आर्य व शांति आश्रम के बच्चों ने हवन संपन्न कराया. राज्यपाल का काफिला रांची से कुड़ू ब्लॉक मोड़, सुंदरू, सरना टोली, बड़की चांपी व सलगी होते हुए दोपहर 12 बजे बहेरा माडर पहुंचा था. वहां से चार किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई और जंगली रास्तों से होते हुए काफिला चूल्हापानी गांव पहुंचा. पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व राज्यपाल नहीं पहुंच पाये थे उद्गम स्थल तक : वर्ष 2004 से यहां गंगा दशहरा महोत्सव आयोजित हो रहा है. विधायक सरयू राय पहले पैदल, फिर 2009 में बाइक और 2010 में जीप से यहां पहुंचे थे. इससे पूर्व वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास और 2016 में तत्कालीन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू हेलीकॉप्टर से सलगी मैदान तक ही आये थे और वहीं से लौट गये थे. लेकिन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार सीधे उद्गम स्थल तक पहुंचे.
सड़क मार्ग से चूल्हापानी पहुंचने वाले पहले राज्यपाल बने संतोष कुमार गंगवार
सड़क मार्ग से चूल्हापानी पहुंचने वाले पहले राज्यपाल बने संतोष कुमार गंगवार
