लेबर कोड और पेंशन नीति के विरोध में सड़कों पर उतरे सफाईकर्मी, निकाला जुलूस

लेबर कोड और पेंशन नीति के विरोध में सड़कों पर उतरे सफाईकर्मी, निकाला जुलूस

लोहरदगा़ 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और सेवा संगठनों के आह्वान पर गुरुवार को लोहरदगा नगर परिषद में ऐतिहासिक पूर्ण हड़ताल रही. भारत सरकार द्वारा 29 लेबर कोड को समाहित कर चार नये कोड बनाने, वेतन कटौती और छंटनी की मनमानी छूट देने के विरोध में सफाईकर्मी काम ठप कर सड़कों पर उतर आयें. आंदोलनकारियों ने सरकार की नीतियों को मजदूरों को बंधुआ बनाने की साजिश और कॉर्पोरेट जगत को फायदा पहुंचाने वाला करार दिया. नारों से गूंजा शहर, समाहरणालय के समक्ष सभा : सुबह सात बजे पुराना नगर पालिका कार्यालय से सफाईकर्मियों का विशाल जुलूस निकला. कर्मचारी बाबू राजेंद्र प्रसाद चौक, सोमार बाजार, शहीद अशफाक उल्लाह खान चौक, भट्ठी मोड़, गांधी चौक और पावरगंज होते हुए समाहरणालय गेट पहुंचे. जुलूस में ””””कर्मियों को परमानेंट करो””””, ””””नियमित वेतन भुगतान”””” और ””””मनमानी छंटनी पर रोक”””” के नारे लगे. बाद में यह प्रदर्शन इक्विलिप्टस मैदान में सभा में तब्दील हो गया. पेंशन और शोषण पर तीखा प्रहार : सभा की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष महेश कुमार सिंह ने कहा कि सरकार 29 लेबर कोड को बदलकर मजदूरों का हक छीन रही है. उन्होंने 2026 से पूर्व के पेंशनरों की पेंशन बंद करने की कार्रवाई और 40 करोड़ लोगों को पेंशन देने की घोषणा को छलावा बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि रात्रि पाली में महिला मजदूरों से काम कराने की बात कहकर सरकार अत्याचार को बढ़ावा दे रही है. अनुबंध, संविदा और आउटसोर्सिंग के जरिए परमानेंट पदों को खत्म किया जा रहा है. इन कानूनों को रद्द करने की उठी मांग : हड़ताल के दौरान जी राम जी अधिनियम 2025, शांति अधिनियम 2025, बिजली संशोधन विधेयक 2025, सबकी सुरक्षा-सबका बीमा विधेयक 2025, बीज विधेयक और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 को रद्द करने की पुरजोर मांग की गयी. वक्ता सुनील कुमार ने न्यूनतम मजदूरी, किसानों के लिए समर्थन मूल्य और शिक्षा-स्वास्थ्य की गारंटी पर जोर दिया. मौके पर काफी संख्या में मजदूर और कर्मचारी उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >