लोहरदगा़ जिला परिषद सभाकक्ष में पेसा नियमावली झारखंड-2025 को लेकर राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. इसमें मास्टर ट्रेनर्स ने पेसा नियमावली के विभिन्न प्रावधानों, ग्राम सभाओं की भूमिका और अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. ग्राम सभाओं को मिलेंगे व्यापक अधिकार : कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि इस नियमावली का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार देकर विकास योजनाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है. इसके तहत ग्रामसभा को स्थानीय संसाधनों के संरक्षण, सामाजिक अंकेक्षण, विकास योजनाओं की निगरानी और सामुदायिक हितों से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण अधिकार दिये गये हैं. इसके अलावा, ग्राम सभाएं सरकारी व गैर-सरकारी कार्यों की समीक्षा, प्रवासी श्रमिकों के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन भी कर सकेंगी. विकास कार्यों की जांच कर सकेंगी सभाएं : नये प्रावधानों के तहत ग्रामसभा विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच कर संबंधित विभागों को निर्देश दे सकती है. साथ ही, ग्राम पंचायत और अन्य संस्थाओं को ग्रामसभा के प्रति जवाबदेह बनाया गया है. उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि पेसा नियमावली लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को मजबूत करने और स्थानीय समुदायों को निर्णय प्रक्रिया में भागीदार बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना था़ बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव, उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम, पीडी आइटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, बीडीओ और अंचल अधिकारी मौजूद थे.
पेसा नियमावली से सशक्त होंगी ग्राम सभाएं, मिलेंगे व्यापक अधिकार
पेसा नियमावली से सशक्त होंगी ग्राम सभाएं, मिलेंगे व्यापक अधिकार
