किस्को़ बगड़ू पंचायत के केंद टोली गांव में नल-जल योजना के तहत पानी नहीं मिलने से शुक्रवार को महिलाओं के बीच विवाद और झगड़े की स्थिति उत्पन्न हो गयी. सूचना मिलने पर पंचायत सचिव अजय कुमार ने गांव पहुंचकर मामले को शांत कराया. लगभग 500 की आबादी वाले इस गांव में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा दो जलमीनारें लगायी गयी हैं, ताकि हर घर नल से जल पहुंचाया जा सके. हालांकि, ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि केवल आधे गांव में ही पानी पहुंच रहा है. ऊंचाई पर स्थित घरों तक पानी बिल्कुल नहीं पहुंच पाता. दिनभर नल खुले रहने से सिंटेक्स (टंकी) भरता नहीं है, जिससे अधिकांश लोग पानी से वंचित रह जाते हैं. इसके अलावा जगह-जगह नल टूटे होने से पानी बहकर बर्बाद हो रहा है. प्रखंड में 20 से अधिक जलमीनार खराब : शुक्रवार को पानी नहीं मिलने पर महिलाएं आपस में ही उलझ गयीं. पंचायत सचिव ने महिलाओं के साथ बैठक कर समझाया कि पहले टंकी को पूरा भरने दें, उसके बाद ही नल खोलें ताकि दबाव बनने से सभी घरों तक पानी पहुंच सके. दूसरी ओर, बगड़ू पंचायत के विभिन्न स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों व ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग द्वारा निर्मित 20 से अधिक जलमीनारें लंबे समय से खराब पड़ी हैं. मरम्मत के निर्देशों के बावजूद विभाग द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है, जिससे लोग पानी के लिए तरस रहे हैं.
नल-जल योजना से जलापूर्ति ठप होने पर महिलाओं में विवाद, पंचायत सचिव ने सुलझाया
नल-जल योजना से जलापूर्ति ठप होने पर महिलाओं में विवाद, पंचायत सचिव ने सुलझाया
