बच्चों को एल्बेंडाजोल अवश्य खिलायें
प्रतिनिधि, लोहरदगा नगर भवन में स्वास्थ्य विभाग और पीरामल फाउंडेशन द्वारा अंतर विभागीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त डॉ ताराचंद ने किया. उन्होंने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 10 से 25 फरवरी 2026 तक वृहत स्तर पर मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान के अंतर्गत डीईसी और अल्बेंडाजोल की खुराक दी जायेगी. 10 फरवरी को बूथ स्तर पर दवा वितरण होगा, जबकि 11 से 25 फरवरी तक घर-घर जाकर निर्धारित खुराक खिलायी जायेगी. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी स्वस्थ व्यक्तियों को यह दवा लेनी चाहिए. केवल 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जायेगी. उन्होंने कहा कि दवाइयां पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय हैं.डॉ. ताराचंद ने बताया कि फाइलेरिया भी मच्छरों के काटने से फैलता है, जैसे डेंगू और मलेरिया. इस बीमारी का पता लगने में वर्षों लग जाते हैं. हाइड्रोसील का इलाज संभव है, लेकिन हाथ, पैर या स्तन में आई सूजन अक्सर लाइलाज होती है. उन्होंने कहा कि अल्बेंडाजोल आंतों में पनप रहे कृमियों को नष्ट करता है और बच्चों में कुपोषण दूर करने में सहायक है.
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सौ प्रतिशत लोगों तक दवा पहुंचाने की अपील की. सिविल सर्जन डॉ. राजू कच्छप ने भी एमडीए कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी. इस अवसर पर फाइलेरिया उन्मूलन में बेहतर कार्य करने वाले मुखियाओं को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया.
कार्यशाला में आइटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी अंजना दास, जिला शिक्षा पदाधिकारी दास सुनंदा चंद्रमौलेश्वर समेत बड़ी संख्या में मुखियाजन और जेएसएलपीएस की दीदीयां उपस्थित रहीं.
