किस्को़ झारखंड मनरेगा कर्मचारी संघ लोहरदगा जिला इकाई का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं उप विकास आयुक्त को ज्ञापन देकर आंदोलनरत मनरेगा कर्मियों की समस्याओं से अवगत कराया गया.संघ ने दंडात्मक कार्रवाई के बजाय संवाद एवं सम्मानजनक समाधान का रास्ता अपनाने का आग्रह किया. मनरेगा कर्मी विगत 76 दिनों से ग्रेड पे आधारित मानदेय, स्थायी समायोजन तथा मृत मनरेगा कर्मियों के आश्रितों को समुचित मुआवजा एवं अनुकंपा के आधार पर रोजगार प्रदान करने की मांग को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल पर हैं. संघ ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या पदाधिकारी के विरुद्ध नहीं, बल्कि अपने अधिकार, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा के लिए है. उपायुक्त को दिये पत्र में संघ ने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित वर्तमान मानदेय पर परिवार का भरण-पोषण अत्यंत कठिन हो चुका है. वर्षों से ग्रेड पे आधारित मानदेय, स्थायी समायोजन, सामाजिक सुरक्षा तथा मृत कर्मियों के आश्रितों को रोजगार की मांग की जा रही है. वर्ष 2024 के आंदोलन के बाद विभाग द्वारा किये गये लिखित समझौते का भी आज तक क्रियान्वयन नहीं किया गया. राज्य के अनेक जिलों में मनरेगा कर्मियों का कई-कई महीनों का मानदेय बकाया है. एक ओर कर्मी अपने वैध पारिश्रमिक की प्रतीक्षा कर रहे हैं, दूसरी ओर उनपर आंदोलन समाप्त करने के लिए दबाव दिया जा रहा है.
मनरेगा कर्मियों की 76 दिनों से हड़ताल जारी, संघ ने डीसी-डीडीसी को सौंपा ज्ञापन
मनरेगा कर्मियों की 76 दिनों से हड़ताल जारी, संघ ने डीसी-डीडीसी को सौंपा ज्ञापन
