किस्को़ पेशरार प्रखंड मुख्यालय सभागार में गुरुवार को शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पंचायतों की भूमिका सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. प्रजायत्न संस्था एवं पंचायती राज विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस उन्मुखीकरण कार्यशाला में प्रखंड के सभी पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव और शिक्षा समिति के वार्ड सदस्यों ने भाग लिया. शिक्षा को प्राथमिकता बनाना समय की मांग : कार्यक्रम की शुरुआत प्रजायत्न के प्रतिनिधि जितेन दास ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए की. इस अवसर पर सीरम पंचायत के सचिव बिनोद दुबे को कार्यशाला का अध्यक्ष चुना गया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यदि पंचायतें शिक्षा को अपनी प्राथमिकता सूची में शामिल करें, तो सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदल सकती है. उन्होंने जनप्रतिनिधियों से स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने और बच्चों के सीखने की गुणवत्ता पर ध्यान देने की अपील की. अधिकारों और दायित्वों की दी गयी जानकारी : प्रशिक्षक अनिल त्रिपाठी ने ग्राम पंचायत शिक्षा समिति के दायित्वों, पंचायत ज्ञान केंद्र के संचालन और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी. वहीं, लक्ष्मी नूपनारायण ने प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा पर चर्चा की. कार्यशाला के दौरान आंगनबाड़ी और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए समूह चर्चा भी करायी गयी और आगामी कार्ययोजना तैयार की गयी. उपस्थित लोग : कार्यक्रम में प्रजायत्न संस्था से इसराफिल खान, अनामिका श्रीवास्तव सहित सभी पंचायतों के मुखिया, प्रधान, पंचायत सचिव और वार्ड सदस्य आदि उपस्थित थे. सभी ने एक स्वर में ग्राम सभा के माध्यम से शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने का संकल्प लिया.
शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाकर, विद्यालयों की स्थिति में लायें सुधार : बिनोद दुबे
शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाकर, विद्यालयों की स्थिति में लायें सुधार : बिनोद दुबे
