छात्राओं को बाल विवाह और यौन शोषण पर जागरूक किया

छात्राओं को बाल विवाह और यौन शोषण पर जागरूक किया

लोहरदगा़ भारत को 2030 तक बाल विवाह मुक्त बनाने के केंद्र सरकार के संकल्प और ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के एक वर्ष पूरे होने पर लोहरदगा ग्राम स्वराज्य संस्थान ने 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के तहत संयुक्त रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया. यह कार्यक्रम एमबी डीएवी एसआर एसईसी पब्लिक स्कूल लोहरदगा और राजकीय बालिका मध्य विद्यालय टाकू कुड़ू में छात्राओं के बीच चलाया गया. कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बाल विवाह, बाल मजदूरी और यौन शोषण से जुड़े जोखिमों के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया. बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों पर चर्चा की गयी. शिक्षकों ने बाल विवाह के रोकथाम पर संदेश दिया और छात्र-छात्राओं को बाल विवाह नहीं करने की शपथ दिलायी. अभियान का मुख्य उद्देश्य उस पूरे सामाजिक परिवेश को समाप्त करना है, जो बाल विवाह जैसी कुप्रथा को बढ़ावा देता है. लोहरदगा ग्राम स्वराज्य संस्थान जिले में बाल विवाह समाप्त करने के लिए लगातार जमीनी स्तर पर कार्य कर रहा है. संस्था ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा बाल विवाह रोकने के लिए उठाये जा रहे कदमों की सराहना की और कहा कि प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रहा है. कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक उमाचरण दास, एनके झा, पीके सिंह, एएन झा, अमित कुमार, एके पाठक, बाल्मीकि सिंह, पूनम सिंह, प्रतिमा साहू, ज्योति पांडेय, अपराजिता, रीना, रितिका, पल्लवी, प्रतिमा किंडो, ज्योति कुमारी, इंदु लकड़ा, अशोक कुमार मधुर, प्रज्ञा कुमारी और पांचाली कुमारी सहित लोहरदगा ग्राम स्वराज्य संस्थान के कार्यकर्ता द्रौपदी कुजूर, रूपेश मित्रा, धनेश उरांव, सचिन मरांडी, संदीप रविदास और हनुक कच्छप मौजूद थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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