भंडरा,लोहरदग्गा : पिछले 24 घंटे से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने भंडरा क्षेत्र के जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. कभी तेज तो कभी हल्की बारिश के बीच लोग घरों में ही रहने को मजबूर रहे, जिससे आम दिनचर्या पर व्यापक असर पड़ा. आवश्यक कार्यों के लिए भी लोगों को घर से निकलने में परेशानी हुई.
साप्ताहिक बाजार में पसरा सन्नाटा
बारिश का सबसे अधिक असर मंगलवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार पर देखने को मिला. बाजार में अपेक्षाकृत सन्नाटा पसरा रहा और खरीदारों की भीड़ नदारद रही. कीचड़ और जलजमाव के कारण कई दुकानदार देर से पहुंचे, जबकि कई दुकानदारों ने जल्द ही अपनी दुकानें समेट लीं.
ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोग खराब सड़कों और फिसलन भरे रास्तों के कारण बाजार तक नहीं पहुंच सके. किसान भी अपनी उपज बाजार तक नहीं ला सके. इसके कारण साप्ताहिक बाजार में सब्जियों की कमी देखी गयी.
मुख्य सड़क पर जलजमाव, राहगीर परेशान
लगातार बारिश से मुख्य सड़कों और गलियों में जलजमाव की स्थिति बन गयी है. मुख्य पथ पर थाना चौक से लेकर स्टेट बैंक तक पानी जमा है. इससे वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई निचले इलाकों में पानी भर जाने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गयी हैं.
वहीं, कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ. बैंक, सरकारी कार्यालय और अन्य प्रतिष्ठानों में भी सामान्य दिनों की अपेक्षा लोगों की आवाजाही कम रही.
फसलों को नुकसान की आशंका
लगातार बारिश ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है. खेतों में पानी भर जाने से फसलों को नुकसान की आशंका जतायी जा रही है. किसानों के अनुसार, लगातार बारिश से विशेषकर सब्जी की फसलों को नुकसान हो सकता है.
स्कूलों में कम रही बच्चों की उपस्थिति
खराब मौसम का असर स्कूलों पर भी पड़ा. बारिश के कारण मंगलवार को विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम रही. कई अभिभावकों ने मौसम को देखते हुए बच्चों को स्कूल नहीं भेजा.
स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किये जाने के बावजूद विद्यालय बंद करने को लेकर प्रशासन की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है.
दो दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक रुक-रुक कर बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है. लोहरदगा जिले के लिए दो दिनों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश और बढ़ने पर लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.
