केवाइसी है सुरक्षित बैंकिंग का आधार, झांसा देने वालों से रहें सतर्क : बिमला भगत

केवाइसी है सुरक्षित बैंकिंग का आधार, झांसा देने वालों से रहें सतर्क : बिमला भगत

लोहरदगा़ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता सप्ताह (09 से 13 फरवरी 2026) के तहत गुरुवार को बसारडीह गांव (हेसल पंचायत) में जिला स्तरीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इस अवसर पर आरबीआइ की उपमहाप्रबंधक श्रीमती बिमला भगत ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष का मुख्य विषय “केवाईसी : सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम” रखा गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवाइसी न केवल एक अनिवार्य प्रक्रिया है, बल्कि यह बैंक खातों की सुरक्षा की पहली सीढ़ी है. तीन प्रमुख विषयों पर जोर : उपमहाप्रबंधक ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से तीन उप-विषयों केवाइसी के मूलभूत सिद्धांत, केंद्रीय केवाइसी रजिस्ट्री (सीकेवाइसी) और खाते का उचित उपयोग (अकाउंट हाइजीन) पर विशेष बल दिया जा रहा है. उन्होंने अवगत कराया कि आरबीआइ वर्ष 2016 से निरंतर यह अभियान चला रहा है, जो अब एक व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है. इसका उद्देश्य आम जनता को बैंकिंग प्रणालियों के प्रति जिम्मेदार और जागरूक बनाना है. साइबर ठगी से बचाव की जानकारी दी : आरबीआइ के सहायक महाप्रबंधक अरविंद एक्का ने तकनीकी सत्र में बताया कि सेंट्रल केवाइसी जैसी सुविधाओं से अब बैंकिंग प्रक्रिया काफी सुगम हो गई है. उन्होंने उपस्थित लोगों को बचत का महत्व समझाते हुए कहा कि छोटी-छोटी बचत ही भविष्य को सुरक्षित बनाती है. साथ ही, डिजिटल लेन-देन के दौरान होने वाली साइबर ठगी पर सचेत करते हुए उन्होंने कहा कि बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी, पिन या गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है. किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक से सतर्क रहने की आवश्यकता है. विशेषज्ञों की मौजूदगी : मौके पर डीडीएम नाबार्ड शोभा केरकेट्टा, एलडीएम नितिन किशोर और आरसेटी निदेशक सुरेश भगत ने भी बीमा और पेंशन योजनाओं की जानकारी दी. कार्यक्रम में बैंक प्रतिनिधि, बीसी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे, जिन्होंने इस शिविर को अत्यंत उपयोगी बताया.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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