रामप्रसाद पाल की रिपोर्ट
कैरो (लोहरदगा) प्रखंड क्षेत्र के कैरो जतरा टांड़ में शनिवार को प्रखंड स्तरीय करमा पूर्व संध्या सह मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन समिति के तत्वावधान में हुआ. समारोह का उद्घाटन झारखंड सरकार के आदिवासी मामले के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, लोहरदगा विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव और अन्य अतिथियों ने फीता काटकर किया.
कार्यक्रम से पहले जतरा टांड़ स्थित निर्माणाधीन शक्ति खूंटा के समीप पाहन, पुजार और महतो ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की. पूजा के बाद प्रखंड क्षेत्र से पहुंचे 30 खोड़हा दलों ने बारी-बारी से अपनी कला और संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुति दी. ढोल-मांदर की थाप पर पूरा जतरा टांड़ झूम उठा.
ये भी पढ़ें- पत्नी को लेने ससुराल पहुंचा था गांधी, अगले दिन खेत में मिली लाश; ससुर फरार
पारंपरिक तरीके से पर्व मनाने पर जोर
कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का आयोजन समिति की ओर से बैच पहनाकर, अंगवस्त्र भेंटकर और बुके देकर पारंपरिक रीति-रिवाज से स्वागत किया गया. मुख्य अतिथि मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि आदिवासी प्रकृति के पुजारी होते हैं. करमा पर्व के अवसर पर बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और अच्छी फसल की कामना के लिए व्रत रखकर पूजा-अर्चना करती हैं. झारखंड में करमा आदिवासी समाज का दूसरा सबसे बड़ा पर्व है, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है.
उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में हमारी सभ्यता और संस्कृति खतरे में है. समाज भी दूसरों की देखा-देखी और नकल करते हुए डीजे आदि का इस्तेमाल कर आधुनिक गीतों पर नाचता-गाता है. जबकि अपनी पुरानी परंपराओं का पालन करते हुए ढोल-मांदर की थाप पर उत्सव मनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हर हाल में अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाने के साथ शिक्षा को बढ़ावा देना और नशापान से दूर रहना होगा, तभी समाज विकास कर सकता है.
संस्कृति के संरक्षण से आगे बढ़ेगा समाज
लोहरदगा विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि करमा पूजा आदिवासी समाज का लोकप्रिय उत्सव है. सभी को अपने रीति-रिवाज, कला और संस्कृति को संरक्षित करना चाहिए. इससे समाज और देश आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि उनका संकल्प अखड़ा निर्माण कराने तथा पर्व-त्योहार के अवसर पर ढोल-मांदर समेत अन्य वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने का है.
ये भी पढ़ें- Giridih में जंगली बिरनियों का आतंक, 100 से ज्यादा घायल और 4 की मौत; अब महिला पर हमला
बच्चों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में वक्ताओं ने करमा-धरमा भाइयों की कथा, करमा पर्व के इतिहास और आदिवासी सभ्यता पर विस्तार से प्रकाश डाला. आयोजन समिति की ओर से समाज के बच्चों को आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित किया गया. मैट्रिक, इंटर आदि परीक्षाओं में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं तथा विभिन्न खेलों और क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों के बीच पुरस्कार का वितरण किया गया.
मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष रीना भगत, पूर्व पंचायत समिति सदस्य शरत कुमार विद्यार्थी, डॉ. राकेश कुमार, मुखिया बीरेंद्र महली, उप मुखिया रवि प्रजापति, थाना प्रभारी कुंदन कुमार रवानी, प्रवीण साहू, आयोजन समिति के अध्यक्ष विकास उरांव, सचिव जागेश्वर उरांव, कोषाध्यक्ष जगबंधन भगत, मुख्य संरक्षक बुधवा उरांव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
