लोहरदगाः लोकसभा सांसद सुखदेव भगत क्षेत्र भ्रमण के दौरान सुदूरवर्ती गांव पहुंचे, तो सड़क किनारे खेल रहे छोटे-छोटे आदिवासी बच्चों की टोली पर उनकी नजर पड़ गयी. बच्चों को देखते ही सांसद खुद को रोक नहीं पाये और सीधे उनके बीच पहुंच गये. धूल-मिट्टी की परवाह किये बिना वह बच्चों के साथ जमीन पर बैठ गये. कुछ ही पल में सांसद के भीतर का शिक्षक जाग उठा.
सुखदेव भगत ने बारी-बारी से बच्चों का नाम, उनकी कक्षा और स्कूल के बारे में जानकारी ली. इसके बाद बच्चों से बेहद स्नेह के साथ कहा कि रोज स्कूल जाना है और मन लगाकर पढ़ाई करनी है. जीवन में बड़ा मुकाम हासिल करना है. उन्होंने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और अफसर बनने के लिए प्रेरित किया और कहा कि वे अपने माता-पिता और गांव का नाम रोशन करें.
सांसद ने बच्चों को ईमानदारी, मेहनत और अनुशासन का महत्व भी समझाया. बच्चों से बातचीत के दौरान उनके चेहरे पर अपनापन और सहजता साफ नजर आयी. कुछ देर तक सांसद बच्चों के बीच शिक्षक की भूमिका में नजर आये और उन्हें पढ़ाई के साथ बेहतर इंसान बनने की सीख दी.
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सुखदेव भगत ने कहा कि इन बच्चों की आंखों में जो सपने हैं, वही मेरे संकल्प की ताकत हैं. उन्होंने कहा कि उनका जीवन शिक्षा से शुरू हुआ है और वह जानते हैं कि शिक्षा ही गरीबी को दूर करने का सबसे मजबूत माध्यम है. बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए हर संभव प्रयास करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है.
