चेक डैम के अभाव में किसानों को हो रही परेशानी

कैरो प्रखंड क्षेत्र में किसान बड़े पैमाने पर कृषि कार्य करते हैं. नंदनी जलाशय से तीन नहर निकाली गयी है.

फोटो नदी किनारे लगाया गया फसल फोटो सिंचाई के लिए नदी में खोदा गया गड्ढा कैरो (लोहरदगा). कैरो प्रखंड क्षेत्र में किसान बड़े पैमाने पर कृषि कार्य करते हैं. नंदनी जलाशय से तीन नहर निकाली गयी है. यहां सुचारू रूप से पानी सप्लाई होने से कृषि कार्य में राहत है. किसानों को सिंचाई की चिंता नहीं रहती है, लेकिन दो वर्षों से नहरों का जीर्णोद्धार कार्य प्रगति पर रहने के कारण रबी व गरमा फसल के मौसम में नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाता है. इसके बाद भी क्षेत्र के किसान नदी, नाला, कुआं, डोभा, तालाब आदि जलस्रोतों के आस -पास बड़े पैमाने पर रबी व गरमा फसल की खेती करते हैं. नदियों में जलस्रोत की कमी के कारण जनवरी से ही कंदनी व नंदनी नदी सूखने लगती है. किसान जगह -जगह जेसीबी से गड्ढे खुदवा कर सिंचाई करते हैं. इसके कारण उन्हें अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ती है. पर्याप्त पानी जमा नहीं होने के कारण किसानों को सिंचाई में परेशानी होती है. किसान नाजरुल खान, साजिद खान, मंगरा उरांव, सोमरा उराव, सोमनाथ उरांव, शंकर रविदास, धता बैठा ने कहा कि यदि सरकार किसानों के हित में दोनों नदियों पर जगह-जगह चैक डैम का निर्माण करा देती, तो नदियों में पर्याप्त मात्रा में जलसंचय होता. चेक डैम नहीं होने के कारण बरसाती पानी बह कर दक्षिणी कोयल से होकर बह जाती है.

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