कुड़ू से अमित कुमार राज की रिपोर्ट
Lohardaga News: नेशनल हाईवे 39 कुड़ू-रांची मुख्य पथ पर दो लेन का समापन और फोरलेन का शुभारंभ प्वाइंट के पास निर्माणधीन कुड़ू से उदयपुरा तक निर्माणधीन सड़क मौत का सेंटर बनती जा रही है. पिछले एक सप्ताह के भीतर जर्जर दो लेन व फोरलेन शुभारंभ सड़क के पास घटित चार घटनाओं में पांच की मौत और आधा दर्जन लोग घायल हो चुके हैं, लेकिन न तो एनएचएआई न जिला प्रशासन न ही स्थानीय प्रशासन इस दिशा में कोई ठोस कदम सड़क हादसा रोकने के लिए उठा पा रहा है. नतीजा न तो सड़क हादसे थम रहें हैं न असामायिक मौत का सिलसिला. बताया जाता है कि रांची से कुड़ू थाना क्षेत्र के देहाती ढाबा तक फोर लेन सड़क का निर्माण हो चुका है जबकि कुड़ू से बाइपास उदयपुरा तक फोरलेन सड़क का निर्माण चल रहा है. देहाती ढाबा से कुड़ू शहरी क्षेत्र तक कालीकरण दो लेन सड़क काफी संकीर्ण और जर्जर हैं. रांची की तरफ से आने वाले वाहनों की रफ्तार इतनी तेज होती है कि कुड़ू की तरफ से जाने वाले वाहनों के साथ भिड़ंत होना और अनियंत्रित होना आम बात हो गई है. इतना ही नहीं कालीकरण सड़क का हालत खस्ताहाल हो गया है और सड़क निर्माण के लिए आने वालें सामाग्री लदे वाहनों के कारण सड़क जाम की स्थिति बनी रहती है. शुक्रवार को घटित सड़क हादसे में तीन मौत इसी का नतीजा है. इससे पहले रांची जा रहे एक बाइक सवार को ठोकर मार दिया गया था. इससे बाइक सवार की मौत हो गई थी. टेम्पो व बाइक की भिड़ंत में पांच लोग घायल हो गए थे. तो एक सप्ताह पहले बाइक और कार के बीच टक्कर में एक की मौत हो गई थी.
घटना के बाद लोगों का फुटा गुस्सा, सीओ और थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा
शुक्रवार को शराब लदा मालवाहक वाहन और स्कूटी के बीच हुई सीधी भिड़ंत में एक ही परिवार के मां, पुत्र और भतीजा की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फुट पड़ा. ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया. उचित मुआवजा और दोनों मृत युवकों के बच्चों के परवरिश की मांग करने लगे. मौके पर पहुंचे सीओ संतोष उरांव थाना प्रभारी अजीत कुमार के समझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए, थाना परिसर में आक्रोशित ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बातचीत हुईं. इसमें आदिवासी समाज के नेता जतरू उरांव, अवधेश उरांव, अनिल उरांव, चिलगू भगत, महावीर उरांव आजसू नेता लाल गुड्डू नाथ शाहदेव ने प्रशासन से वार्ता किया तथा मांग रखा कि तीनों मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा व बेसहारा परिवार को सहारा दिया जाए.
बढ़ती सड़क हादसे और असामयिक मौत बनी चिंता का कारण
थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में सड़क हादसे की घटना बढ़तीं जा रहीं हैं. सड़क हादसे के बाद असामायिक मृत्यु से परिवार बेसहारा हो रहा है. परिवहन विभाग समय-समय पर बाइक सवारों की हेलमेट जांच करती हैं, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रहा है. ढुलुवांखुंटा के समीप घटित घटना सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी व निर्माणधीन सड़क निर्माण में प्रयुक्त हो रहें डस्ट के उड़ते धुलकण कारण बन रही है. निर्माणधीन सड़क पर दिनभर मालवाहक वाहनों का परिचालन होता रहता है. इससे धुल उड़ता रहता है कभी- कभी तो अंधेरा छा जाता है और पता ही नहीं चलता है कि सड़क किधर है नतीजा सबसे अधिक दुर्घटना के शिकार बाइक चालक हो रहे हैं. पानी का छिड़काव लगातार नहीं हो पा रहा है. पूरे मामले पर सीओ संतोष उरांव थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि एनएचएआई व फोरलेन सड़क निर्माण में लगी कम्पनी के अधिकारियों से बातचीत की गई है और लगातार पानी छिड़काव करने का निर्देश दिया गया है.
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