लोहरदगा-रांची रूट पर एक और मेमो ट्रेन चलाने की मांग

लोहरदगा-रांची रूट पर एक और मेमो ट्रेन चलाने की मांग

कैरो़ कैरो प्रखंड क्षेत्र के कैरो, सढ़ाबे, एड़ादोन समेत आसपास के गांवों के एक सौ से अधिक ग्रामीणों ने सांसद सुखदेव भगत से उनके आवास पर मुलाकात कर लोहरदगा से रांची के बीच आधा या एक घंटे के अंतराल पर एक और मेमो ट्रेन चलाने की मांग की. ग्रामीणों ने सांसद को हस्ताक्षरयुक्त लिखित आवेदन सौंपा. आवेदन में कहा गया है कि लोहरदगा से रांची जाने के लिए सुबह केवल एक ही मेमो ट्रेन उपलब्ध होती है, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी होती है. ट्रेन की सभी सीटें लोहरदगा से ही भर जाती हैं और नगजुआ पहुंचते-पहुंचते ट्रेन में इतनी भीड़ हो जाती है कि खड़े होने की भी जगह नहीं रहती. इससे मजदूर, व्यवसायी, छात्र-छात्राएं, मरीज, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सभी परेशान रहते हैं. कई बार लोग ट्रेन छूटने के कारण यात्रा नहीं कर पाते. ग्रामीणों ने मांग की कि वरिष्ठ नागरिकों और मरीजों के लिए अलग से बोगी की व्यवस्था की जाये. सांसद सुखदेव भगत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रतिनिधि साजिद अहमद चंगु को निर्देश दिया कि भारत सरकार के रेल मंत्री को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाये और अतिरिक्त मेमो ट्रेन चलाने तथा सासाराम-रांची एक्सप्रेस का नगजुआ स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की जाये. सांसद ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे स्वयं रेल मंत्री से मिलकर और संसद सत्र में इस विषय को उठायेंगे. आवेदन पर समीद अंसारी, जोरावर खान, तिला उरांव, बुधराम उरांव, बोलवा उरांव, शफीक अंसारी, मुस्लिम अंसारी, देवदत्त प्रजापति, शकील अंसारी, मंगरा उरांव, दीपक यादव, बहादुर गोप समेत कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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