प्रभु यीशु मसीह की मौत के गम में डुबा मसीही समुदाय, चर्च में विशेष आराधना

प्रभु यीशु मसीह की मौत के गम में डुबा मसीही समुदाय, चर्च में विशेष आराधना

कुड़ू लोहरदगा. गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो प्रभु यीशु मसीह के बलिदान और प्रेम के संदेश को याद करने के लिए मनाया जाता है. परंपरा के अनुसार, यहूदियों ने यीशु मसीह को मसीहा मानने से इंकार कर दिया और उन्हें शुक्रवार के दिन सूली पर चढ़ा दिया. इस हृदय विदारक घटना को स्मरण करने के लिए मसीही समुदाय गुड फ्राइडे पर उपवास रखता है, विशेष आराधना करता है और प्रभु की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है. प्रखंड के विभिन्न चर्चों जैसे एन डब्ल्यू जीईएल चर्च हाता टोली, कड़ाक, फादर बंगला चर्च, चटकपुर, पतराटोली और असनापानी चर्च में श्रद्धालुओं ने दिनभर प्रभु को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की. पादरी इशाक एक्का और प्रचारक धीरेन लकड़ा ने बताया कि प्रभु यीशु मसीह समाज के उत्थान और प्रेम का संदेश लेकर आये थे. वे गरीबों के मसीहा थे, लेकिन यहूदियों ने उन्हें स्वीकार नहीं किया और सुली पर चढ़ा दिया. गुड फ्राइडे के दिन श्रद्धालु प्रभु के बलिदान को याद करते हैं और उनके पुनर्जन्म की कामना करते हैं. ईसाई मान्यता के अनुसार, तीन दिन बाद यीशु मसीह पुनर्जीवित होंगे और ईस्टर संडे पर उनके पुनरुत्थान की खुशी मनायी जायेगी. इस प्रकार गुड फ्राइडे दुख और श्रद्धा का दिन है, जबकि ईस्टर संडे आशा और आनंद का प्रतीक है.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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