लोहरदगा ़ अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर श्रम अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस वर्ष की वैश्विक थीम मेरा घर मेरा अधिकार के तहत समाज के हर वर्ग से मासूमों के बचपन को बचाने की अपील की गई. बाल श्रम के खिलाफ एकजुटता और पुनर्वास पर जोर : श्रम अधीक्षक आंद्रेस कुल्लू ने कहा कि समाज, प्रशासन और व्यवसाय जगत को बाल श्रम के खिलाफ एकजुट होना होगा ताकि बच्चों के लिए अनिवार्य शिक्षा सुनिश्चित की जा सके. जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बाल श्रम को राष्ट्र विकास में बाधक बताते हुए कहा कि बच्चों का स्थान कारखाने, होटल या खेतों में नहीं, बल्कि स्कूल में है. वहीं, संरक्षण पदाधिकारी अनुरंजन कुमार ने बच्चों को काम से मुक्त कराने के साथ-साथ उनके उचित पुनर्वास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और परिवारों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया. रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने की मांग : बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष कुंती साहू ने स्थानीय पुलिस और श्रम विभाग के सहयोग से रेस्क्यू ऑपरेशन्स में तेजी लाने की बात कही. कार्यक्रम में द्रौपदी कुजूर, मनोज साहू, जितेंद्र कुमार, सचिन मरांडी, अल्बानुस बारा, अभिलाषा कुमारी, थाना प्रभारी मानस कुमार साधु, अजीत कुमार, दिनेश कुमार, राजू उरांव, पंचानंद गोप और दयानंद कुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे.
बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
