लोहरदगा़ बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) लोहरदगा द्वारा आयोजित 13 दिवसीय नि:शुल्क कृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों व उद्यमशीलता से जोड़कर पारंपरिक खेती को एक लाभदायक व्यवसाय के रूप में विकसित करना था. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कृषि के साथ-साथ पशुपालन, गाय-पालन, बकरी-पालन, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण और मछली-पालन जैसे सहायक व्यवसायों की वैज्ञानिक जानकारी दी गई, ताकि वे स्वरोजगार के स्थायी अवसर तलाश सकें. समापन समारोह में बैंक ऑफ इंडिया स्टार कृषि विकास केंद्र के निशित मनी और आरसेटी के निदेशक सुरेश भगत द्वारा सभी सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किये गये. इस अवसर पर निशित मनी ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों का कौशल विकास कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. उन्होंने भरोसा दिया कि जरूरत पड़ने पर युवाओं को बैंक से ऋण दिलाने में पूरी सहायता की जायेगी. निदेशक सुरेश भगत ने कहा कि कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और इन सहायक व्यवसायों को अपनाकर किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं. कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय अकादमी ऑफ रूडसेटी (एनएआर) द्वारा सभी प्रशिक्षुओं का मूल्यांकन किया गया. मौके पर संस्थान के संकाय सदस्यों सहित सभी प्रशिक्षु उपस्थित थे.
लोहरदगा आरसेटी में कृषि उद्यमी प्रशिक्षण में बांटे गये प्रमाण-पत्र
लोहरदगा आरसेटी में कृषि उद्यमी प्रशिक्षण में बांटे गये प्रमाण-पत्र
