आदिवासी परंपराओं को संजोने का किया आह्वान

आदिवासी परंपराओं को संजोने का किया आह्वान

लोहरदगा़ लोहरदगा जिले में करम पर्व की पूर्व संध्या पर चाला इंटरप्राइजेज के प्रॉपराइटर तथा जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष सुखैर भगत की ओर से हेसल पंचायत के सभी गांवों में माताओं और बहनों के बीच 500 साड़ियों का वितरण किया गया. इस पहल ने पर्व के उत्साह को और बढ़ा दिया. साड़ी वितरण आदिवासी सांस्कृतिक नृत्य और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ पारंपरिक ढंग से मनाया गया, इसमें काफी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. सुखैर भगत ने इस अवसर पर कहा कि आज आप सबके बीच आकर मन भावुक हो गया है. मुझे अपने बचपन के दिन याद आ रहे हैं जब मैं भी गरीबी और अभाव में पला-बढ़ा था. हमारे आदिवासी समाज की परंपराएं और मूल्य ही हमें आगे बढ़ने की शक्ति देते हैं. करम पर्व सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि मेहनत, प्रकृति से जुड़ाव और भाईचारे का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि जब इंसान गरीबी से ऊपर उठता है तो उसकी जिम्मेदारी होती है कि वह अपने समाज के लिए कुछ करे. आज जब मैं आप सबकी आंखों में खुशी देख रहा हूं तो लगता है कि मेरा जीवन सफल हो गया है. यह साड़ी सिर्फ एक वस्त्र नहीं, बल्कि स्नेह और सम्मान का प्रतीक है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी परंपराओं और संस्कृति को कभी न भूलें, बच्चों को शिक्षित करें और समाज को सशक्त बनायें. साथ ही आश्वस्त किया कि वह हमेशा लोगों के सुख-दुख में साथ खड़े रहेंगे. इस मौके पर जिला कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी प्रकाश उरांव, प्रखंड अध्यक्ष सत्यदेव भगत, संतोषी उरांव, स्वाति महली, रूपा देवी, मोनिका उरांव, ग्राम प्रधान सुखदेव उरांव, पहान देवनंदन पहान, अमृत पहान, घनश्याम पहान, नन्दलाल भगत, बुद्धिमान भगत, पूनई उरांव, सोमरा उरांव, अमित उरांव, प्रवीण कुमार लोहरा समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे. कार्यक्रम एकता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का प्रतीक बन गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >