साढ़े चार करोड़ की लागत से बन रहा पुल, 10 साल बाद भी निर्माण अधूरा

साढ़े चार करोड़ की लागत से बन रहा पुल, 10 साल बाद भी निर्माण अधूरा

कैरो़ प्रखंड के नंदिनी नदी पर निर्माणाधीन बंडा पुल की गुणवत्ता और धीमी गति को लेकर जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है. जिप अध्यक्ष और सदस्यों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर घटिया चिप्स और मिट्टी युक्त बालू के उपयोग पर ठेकेदार को कड़ी फटकार लगायी. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग करते हुए कार्य में तेजी लायें, अन्यथा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. एक दशक से अधर में है योजना : विदित हो कि ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा लगभग साढ़े चार करोड़ की लागत से इस पुल का निर्माण कराया जा रहा है. इस पुल की नींव एक दशक पूर्व रखी गयी थी, लेकिन काम बंद हो गया था. एक वर्ष पूर्व दोबारा निविदा निकलने के बावजूद महज 80 प्रतिशत काम ही हो पाया है. अप्रैल माह तक कार्य पूर्ण होना था, लेकिन ठेकेदार की सुस्ती से ग्रामीण परेशान हैं. हाल ही में ग्रामीणों ने भी घटिया बालू के उपयोग पर काम रुकवा दिया था. आवागमन में हो रही भारी परेशानी : पुल नहीं बनने से बरसात के दिनों में बंडा सहित आसपास के गांवों का संपर्क कट जाता है. ग्रामीणों को कैरो आने के लिए 10 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है. ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से इस पुल की प्रतीक्षा कर रहे हैं और अब गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करेंगे. निरीक्षण के दौरान जिप अध्यक्ष ने विभाग को समय सीमा के भीतर बेहतर निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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