रक्तपट संग्रह से फाइलेरिया बीमारी का जल्द पता चलता है : अनुज

प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सेन्हा के सभागार में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत द्वितीय चरण के तहत दूसरे दिन मंगलवार को डोका,एकगुड़ी, गगेया, हेसवे और कोराम्बे का स्वास्थ्य सहिया और आंगनबाड़ी सेविकाओं को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया.

सेन्हा. प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सेन्हा के सभागार में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत द्वितीय चरण के तहत दूसरे दिन मंगलवार को डोका,एकगुड़ी, गगेया, हेसवे और कोराम्बे का स्वास्थ्य सहिया और आंगनबाड़ी सेविकाओं को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया. आयोजित प्रशिक्षण कार्यकम में प्रशिक्षक स्वास्थ कर्मी अनुज कुमार सिन्हा, गन्दूर उरांव और पिरामल संस्था के समन्वयक सतीश कुमार यादव द्वारा आंगनबाड़ी सेविकाओं से गया कि सुदूरवर्ती गांवों की स्वास्थ्य सहिया और आंगनबाड़ी सेविकाएं मिल कर अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए समय पर फाइलेरिया का दवा खिलायेंगे. आप सभी का छोटा सा प्रयास से लोग फाइलेरिया बीमारी से ग्रसित होने से बचेंगे. फाइलेरिया का दवा कैसे खिलाना है.किन किन लोगों को दवा खिलना है और कैसे लोगों को फाइलेरिया का दवा नही खिलाना है.इसके बारे में प्रशिक्षक अनुज सिन्हा,गन्दूर उरांव द्वारा विस्तृत जानकारी देते बताया कि 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को गर्भवती महिलाओं को और बिमार व्यक्तियों को दवा नही खिलाना है.मौके पर पिरामल के प्रखंड समन्वयक सतीश कुमार,शकुंतला देवी,पूजा कुमारी,पार्वती देवी, अनाममिक प्रभा कुजूर,नोमी खाखा, सारिका एक्का,दिव्य किरण के अलावे स्वास्थ्य सहिया और आंगनबाड़ी सेविकाएं उपस्थित थीं.

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By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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