भाजपा के लक्ष्मी हुए बागी, कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति

नगर परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर गुटबाज़ी खुलकर सामने आ गयी है.

गोपी कुंवर लोहरदगा. नगर परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर गुटबाज़ी खुलकर सामने आ गयी है. पार्टी ने आधिकारिक तौर पर अनिल उरांव को अपना समर्थित उम्मीदवार बनाया और बड़े ही तामझाम के साथ उनका नामांकन कराया. लेकिन इसी बीच भाजपा के ही कार्यकर्ता लक्ष्मी नारायण भगत ने चुनाव मैदान में उतरकर पार्टी की रणनीति को चुनौती दे दी. लक्ष्मी नारायण भगत को मनाने के लिए कई प्रयास किये गये, लेकिन सफलता नहीं मिली. दिलचस्प बात यह है कि भगत को जिला स्तर पर कुछ नेताओं का अंदरूनी समर्थन भी मिल रहा है. यही कारण है कि संगठन की एकता पर सवाल उठ रहे हैं और अनुशासन का दावा करने वाले नेता इस समय खामोश हैं. इस स्थिति ने मतदाताओं को भी उलझन में डाल दिया है. अनिल उरांव के पक्ष में भाजपा कार्यकर्ता वोट मांग रहे हैं, वहीं कुछ कार्यकर्ता लक्ष्मी नारायण भगत को विजयी बनाने के लिए प्रयासरत हैं. दोनों ही खुद को असली उम्मीदवार बता रहे हैं, जिससे भाजपा समर्थित वोटों का बिखराव होना तय माना जा रहा है. पार्टी के भीतर इस फूट को लेकर अलग-अलग राय है. कुछ लोग इसे षड्यंत्र बता रहे हैं, तो कुछ नेताओं को विभीषण कहकर निशाना साधा जा रहा है. अनुशासन और संगठन की शक्ति का दावा करने वाले नेता इस समय बाजार से गायब हैं, क्योंकि वे अपने ही कार्यकर्ता को काबू में नहीं कर पाये.

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By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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